🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

खुल गयी है उत्तराखंड की Valley of Flowers, जानिए परमिट से लेकर ट्रेकिंग का पूरा रूट

घाटी मानसून के आते-आते रंग-बिरंगे और कई दुर्लभ फूलों से भर जाती है। घाटी की सुन्दरता को शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल काम है।

By Moumita Bhattacharya

Jun 09, 2026 00:45 IST

उत्तराखंड की प्रसिद्ध फूलों की घाटी (Valley of Flowers) को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 1 जून से पर्यटकों के लिए इसे खोल दिया गया है। बर्फ की मोटी चादर से लंबे समय तक ढंके रहने के बाद अब यहां की हरियाली प्रकृति प्रेमियों का बाहें फैलाएं स्वागत कर रही है।

उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में मौजूद यह घाटी मानसून के आते-आते रंग-बिरंगे और कई दुर्लभ फूलों से भर जाती है। समुद्र तल से करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद इस घाटी की सुन्दरता को शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल काम है।

बारिश के शुरू होते ही फूलों की पूरी घाटी में गुलाबी, बैंगनी, नीले, सफेद रंग के फूलों का खिलना शुरू हो जाता है। इस दौरान यहां हिमालयी ब्लू पॉपी, ब्रह्म कमल, कोबरा लिली और कई तरह के औषधीय पौधों की प्रजातियां भी दिखाई देती हैं, जो आमतौर पर और कहीं दिखाई नहीं देती।

Read Also | मात्र ₹3000 में देखिए ‘आग उगलता पहाड़’! बैरेन द्वीप का रोमांचक ज्वालामुखी बना टूरिस्ट हॉटस्पॉट

क्या है बुकिंग की प्रक्रिया?

चार धाम या फिर अमरनाथ धाम की यात्रा की तरह ही फूलों की घाटी के ट्रेकिंग के लिए जाने से पहले बुकिंग करना अनिवार्य है। यह घाटी दुनिया के सबसे ऊंचे गुरुद्वारा यानी पवित्र हेमकुंड साहिब के पास मौजूद है। इसी वजह से सभी यात्रियों को यहां तक जाने के लिए उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक टूरिस्ट केयर पोर्टल अथवा मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है।

फूलों की घाटी Image : ANI

कैसे कर सकेंगे एंट्री?

फूलों की घाटी में एंट्री के लिए उत्तराखंड के वन-विभाग से ई-परमिट लेना जरूरी होता है। आप चाहे तो घांघरिया में बने फॉरेस्ट चेकपोस्ट से ट्रेक के एक शाम पहले ही ऑफलाइन परमिट ले सकते हैं। आप उत्तराखंड टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन भी परमिट ले सकते हैं। यह परमित 3 दिनों के लिए वैलिड होता है। भारतीय नागरिकों के लिए शुल्क ₹150 और विदेशी नागरिकों के ₹600 होता है।

नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, जो यहां से करीब 310 किलोमीटर के आसपास है। नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है, जो यहां से करीब 300 किलोमीटर के आसपास है। इसके अलावा यहां सड़क मार्ग के जरिए भी पहुंचा जा सकता है। ट्रेन या सड़क मार्ग से आप सिर्फ गोविंदघाट तक पहुंच सकते हैं। वहां से 16 किलोमीटर का ट्रेक करके फूलों की घाटी तक पहुंचना होता है।

Read Also | खुलने वाला है दुनिया का सबसे ऊंचा गुरुद्वारा 'हेमकुंड साहिब', कैसे पहुंचे?

फूलों की घाटी का बेसकैंप घांघरिया है। घाटी में रात के समय रुकने या कैंपिंग की अनुमति नहीं होती है। आपको हर हाल में शाम को 5 बजे तक बेस कैंप घांघरिया में वापस लौट कर आना ही होगा।

बता दें, फूलों की घाटी में 600 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं, जिसमें से कई दुर्लभ भी होते हैं। इसके अलावा यहां कई दुर्लभ जानवर जैसे कस्तुरी मृग, ग्रे लंगूर, हिमालयी भालू, स्नो लेपर्ड, लाइम बटरफ्लाई, हिमालयी विजल्स आदि भी पाए जाते हैं। अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो ट्रेकिंग के दौरान इनके दीदार भी जरूर हो सकते हैं। Valley of Flowers यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में भी शामिल है। यह घाटी 87 वर्ष किलोमीटर में फैली हुई है।

Articles you may like: