महाराष्ट्र का कोंकण समुद्र तट...दूर से देखने पर यह किसी सपने जैसा सुन्दर लगता है। खासतौर पर मानसून की बारिश शुरू होने के बाद वेस्टर्न घाट समेत कई और घाट जिनकी खुबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। महाराष्ट्र में पर्यटकों के लिए जल्द ही एक नया आकर्षण खुलने वाला है।
शानदार समुद्रतट, नारियल और खजूर के पेड़ों की झुरमु़ट और कोंकण तट की खुबसूरती से आगे बढ़कर कुछ ऐसा जिसके बारे में शायद ही किसी ने सोचा होगा। जल्द ही महाराष्ट्र में एक फ्यूचरिस्टिक म्यूजियम खुलने वाला है। इस म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे अरब सागर की गहराई में तैयार किया जा रहा है। है न कितनी मजेदार बात...!
अपनी तरह का एकलौता
महाराष्ट्र में बन रहा यह म्यूजियम देश में अपनी तरह का पहला म्यूजियम है। आर्टिफिशियल कोरल रीफ और सबमरीन टूरिज्म की दिशा में यह एक बड़ा पहल माना जा रहा है। इस म्यूजियम को सिंधुदुर्ग के पास अरब सागर की गहराई में तैयार किया जा रहा है।
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Deccan Herald की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस अनोखे म्यूजियम का निर्माण सिंधुदुर्ग जिले में निवाती रॉक फॉर्मेशन के पास किया जा रहा है। संभावना जतायी जा रही है कि इस म्यूजियम के तैयार होने के बाद न सिर्फ देसी बल्कि यह बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा।
नेवी का जहाज बना केंद्र
इस परियोजना को भारतीय जल सेना (Navy) के जहाज गुलदार को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस जहाज को ही मूल रूप से अंडर वाटर म्यूजियम में बदला जा रहा है। यह एक युद्धपोत है जिसे समुद्र की सतह से लगभग 22 मीटर की गहराई में स्थापित किया जाएगा।
इसे मुख्य रूप से स्कूबा डाइवर्स, एडवेंचर लवर्स और मरीन एक्सप्लोरर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए सिंधुदुर्ग की जिलाधिकारी त्रुप्ति डोमासे ने कहा कि यह परियोजना मरीन टूरिज्म को एक नयी दिशा देगा जो निश्चित रूप से देश के विकास में भी अपना योगदान देगा।
स्कूबा डाइवर्स से लेकर सबमरीन से भी पर्यटक अंडरवाटर म्यूजियम को देख सकेंगे Image : AI
सबमरीन टूरिज्म को भी जोड़ा जा रहा
मरीन टूरिज्म के साथ-साथ महाराष्ट्र् का पर्यटन विभाग इसमें सबमरीन टूरिज्म को भी जोड़ रहा है। महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MTDC) के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गातने ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इसकी मदद से नॉन-डाइवर भी इस अंडरवाटर म्यूजियम का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि सबमरीन की मदद से नॉन-डाइवर सुरक्षित तरीके से समुद्र की गहराई में उतर सकेंगे। वे न सिर्फ अंडर वाटर जीवन बल्कि अंडर वाटर म्यूजियम का भी लाभ उठा सकेंगे।
कब से शुरू होगा यह मरीन टूरिज्म?
Times of India की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका में निर्मित एक सबमरीन को अंडर वाटर मरीन टूरिज्म के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह सबमरीन एक बार में 24 पर्यटकों को लेकर समुद्र की गहराई में जाएगा। सबमरीन में स्वच्छ और पारदर्शी कांच लगे होंगे जिसकी वजह से पर्यटकों को समुद्र का नजारा साफ-साफ दिखाई दे सकेगा।
बताया जाता है कि सबमरीन में क्रु के 2 सदस्य भी मौजूद रहेंगे जो पर्यटकों की सुविधाओं का ख्याल रखेंगे। बताया जाता है कि सिंधुदुर्ग के समुद्र तट के निकट इस अंडर वाटर म्यूजियम को दिसंबर 2027 तक खोलने की तैयारियां की जा रही है।