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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर दोस्तों की राय-आंदोलन अपने रास्ते से न भटके

दिल्ली में 6 जून के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले संस्थापक अभिजीत दीपके के परिचितों ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और मुद्दे-केंद्रित बनाए रखने पर जोर दिया।

By श्वेता सिंह

Jun 05, 2026 19:26 IST

नयी दिल्लीः ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को लेकर माहौल लगातार चर्चा में है।

यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर केंद्रित है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। जैसे-जैसे प्रदर्शन की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इस पर सामाजिक और राजनीतिक नजरें भी बढ़ती जा रही हैं।

दोस्तों और शुभचिंतकों की साझा चिंता

अभिजीत दीपके के गांव संतुक पिंपरी (जिला हिंगोली, महाराष्ट्र) में उनके मित्र और परिचित इस आंदोलन को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

उनके दोस्त उस्मान शेख का कहना है कि यह आंदोलन एक गंभीर मुद्दे से जुड़ा है और इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी स्थिति में आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से भटकना नहीं चाहिए।

गांव वालों का समर्थन

गांव के सरपंच और अभिजीत दीपके के रिश्तेदार विजय पुरी ने भी इसी तरह की बात कही। उन्होंने कहा कि आंदोलन राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठा रहा है, इसलिए इसमें सरकार और आंदोलनकारियों दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि स्थिति नियंत्रण में रहे।

उनका कहना है कि विरोध की दिशा और उद्देश्य स्पष्ट रहना चाहिए ताकि यह किसी गलत मोड़ पर न चला जाए।

प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था

अभिजीत दीपके के परिवार की सुरक्षा को देखते हुए चत्रपति संभाजीनगर के सीआईडीसीओ क्षेत्र स्थित उनके आवास पर पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

मिडसी वालुज पुलिस स्टेशन के निरीक्षक के अनुसार, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति को लेकर सतर्क है।

सोशल मीडिया पर आंदोलन को समर्थन

सीजेपी की शुरुआत एक सोशल मीडिया आधारित युवा आंदोलन के रूप में हुई थी, जो अब एक संगठित अभियान बन चुका है।

इस बीच, शिक्षा और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संभावित समर्थन की चर्चा ने भी इस आंदोलन को और ध्यान के केंद्र में ला दिया है। आंदोलन को लेकर अब सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बहस तेज हो गई है।

सीजेपी आंदोलन अब केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि इसे लेकर उम्मीद और चिंता दोनों साथ-साथ बढ़ रही हैं। अभिजीत दीपके के दोस्त और शुभचिंतक चाहते हैं कि यह आंदोलन अपने मूल उद्देश्य से न भटके और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़े।

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