लखनऊ : महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में भक्तों द्वारा अर्पित दान राशि से कथित रूप से लगभग ₹7 करोड़ के गबन के आरोप को लेकर तीखा हमला बोला।
संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर “चोरी” हर जगह मौजूद है और उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी ईवीएम, वोट, सीटों से लेकर भगवान श्रीराम को अर्पित किए गए दान तक में कथित रूप से गड़बड़ी करती है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर के प्रसाद और दान राशि से जुड़े मामले में ₹5 करोड़ से अधिक की कथित डकैती की बात सामने आ रही है और यह पूरा मामला कथित रूप से सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, यदि भगवान श्रीराम को चढ़ाए गए दान से भी पैसे की चोरी हो रही है, तो इसके लिए उत्तर प्रदेश और केंद्र दोनों की सरकार जिम्मेदार है।
संजय राउत ने आगे कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि भगवान श्रीराम उन्हें वापस अयोध्या बुला रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बातचीत की है और यह निर्णय लिया गया है कि वे सभी अयोध्या जाएंगे, जहां वे भगवान श्रीराम के समक्ष नतमस्तक होकर क्षमा प्रार्थना करेंगे।
इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आरोप लगाया था कि मंदिर में दान की बड़ी राशि गायब हुई है और उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अयोध्या से पूर्व सपा विधायक पवन पांडेय ने दावा किया कि मंदिर में लगभग ₹7 करोड़ से ₹7.5 करोड़ तक की दान राशि का कथित रूप से गबन किया गया है। हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
अखिलेश यादव ने इस मामले पर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने न्यायपालिका से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है और मंदिर प्रशासन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की अपील भी की है।