नई दिल्ली : जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएचआईएएल) ने गुरुवार को तेलंगाना सरकार को लगभग 12.28 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश हस्तांतरित करने की घोषणा की। यह जानकारी राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आरजीआईए) के एक अधिकारी ने दी।
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल लाभांश भुगतान 49.14 करोड़ रुपये से अधिक रहा। जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने तेलंगाना सरकार को लगभग 12.28 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश प्रदान किया है। यह कदम कंपनी की अपने हितधारकों को निरंतर मूल्य प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विज्ञप्ति के मुताबिक यह नवीनतम भुगतान फरवरी 2026 में तेलंगाना सरकार को दिए गए 36.85 करोड़ रुपये के लाभांश के अतिरिक्त है। कंपनी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 100 प्रतिशत घोषित लाभांश के तहत कुल वितरण 49.14 करोड़ रुपये से अधिक रहा। साथ ही जीएचआईएएल द्वारा अपने संचालन की शुरुआत से अब तक तेलंगाना सरकार को कुल 149.87 करोड़ रुपये का लाभांश भुगतान किया जा चुका है।
इसी क्रम में कंपनी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा करते हुए हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्गो टर्मिनल-2 के संचालन की शुरुआत की जानकारी दी। यह नया टर्मिनल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से एयरलाइंस, फ्रेट फॉरवर्डर कंपनियों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और नियामक एजेंसियों को अत्याधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञप्ति के अनुसार यह नया कार्गो टर्मिनल 16,864 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। इसे परिचालन दक्षता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विस्तार योग्य बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
कंपनी ने बताया कि टर्मिनल की शुरुआती कार्गो प्रबंधन क्षमता लगभग 50,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। इसके अलावा, विस्तार के लिए निर्धारित अतिरिक्त क्षेत्रों के माध्यम से भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 1,00,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष तक की जा सकेगी।
जीएमआर हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कधिर कधिरावन ने कहा कार्गो टर्मिनल-2 का संचालन शुरू होना जीएचआईएएल के लिए ही नहीं बल्कि एशिया में एक प्रमुख एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में हैदराबाद की उभरती पहचान के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह सुविधा केवल हमारे बुनियादी ढांचे में एक और इजाफा नहीं है, बल्कि हमारी दूरदृष्टि और भविष्य की रणनीति का स्पष्ट संकेत भी है।
उन्होंने कहा नए टर्मिनल का निर्माण सबसे अधिक मांग वाले कार्गो क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जीवनरक्षक दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों से लेकर समय-संवेदनशील एक्सप्रेस शिपमेंट तक यह सुविधा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरतों के अनुरूप सटीकता, गति और विश्वसनीयता के साथ सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगी।
कधिर कधिरावन ने कहा कि यह नया टर्मिनल हैदराबाद की लॉजिस्टिक्स क्षमता को और मजबूत करेगा तथा घरेलू और वैश्विक व्यापार के लिए एक अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराएगा।