भुवनेश्वर : ओडिशा में एक बार फिर रेल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष लगभग तीन साल पहले ओडिशा के बाहानगा में हुए कर्नाटक एक्सप्रेस हादसे की दर्दनाक यादें एक बार फिर ताजा हो गई है जिसमें ढाई सौ से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
इस बार घटना भुवनेश्वर के झारपाड़ा ब्रिज इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक एक्सप्रेस ट्रेन भुवनेश्वर से मंचेश्वर की ओर जा रही थी, जबकि उसी समय दूसरी एक्सप्रेस ट्रेन विपरीत दिशा यानी मंचेश्वर से भुवनेश्वर की ओर आ रही थी। इसी दौरान किसी कारणवश दोनों ट्रेनें एक ही रेल लाइन पर आमने-सामने आ गईं।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि कोई टक्कर नहीं हुई। दोनों ट्रेनों के लोको पायलटों ने अंतिम क्षणों में सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेनों को रोक दिया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
रेल प्रशासन के अनुसार यह जांच की जा रही है कि दोनों ट्रेनें एक ही लाइन पर कैसे आ गईं। शुरुआती जांच में सिग्नलिंग में तकनीकी खराबी या समन्वय की कमी की संभावना पर विचार किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं हुई।
रेल अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना के समय दोनों ट्रेनों में कोई यात्री मौजूद नहीं थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।