आज (11 जून) शाम 6 बजे तक अभिषेक बनर्जी को CID के सामने हाजिर होना होगा। गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को यह निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
गुरुवार को हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी द्वारा कानूनी राहत के लिए दायर किए एक मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। CID की नोटिस को खारिज कर कानूनी राहत की मांग करते हुए अभिषेक बनर्जी ने मामला दायर किया था। इसी मामले में न्यायाधीश कौशिक चंद ने यह निर्देश दिया।
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बता दें, अभिषेक बनर्जी वर्तमान में दिल्ली में मौजूद हैं। आज (11 जून) की शाम को वह दिल्ली से वापस लौट सकते हैं। वहां से कोलकाता वापस लौटकर उन्हें भवानी भवन जाना पड़ेगा। दो सप्ताह बाद इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी जिस समय CID को काम की प्रगति की रिपोर्ट और अभियुक्त के सहयोग की रिपोर्ट भी कोर्ट में जमा करनी होगी।
इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि अभिषेक बनर्जी को फिर से तलब किया गया तो 24 घंटा पहले नोटिस देना होगा। राज्य सरकार की ओर से अदालत में अभिषेक बनर्जी की कानूनी राहत के पक्ष में सवाल किया। हालांकि न्यायाधीश ने कानूनी राहत को बरकरार रखने का ही निर्देश दिया है।
न्यायाधीश का कहना है कि अगर जरूरत हुई तो पुलिस वारंट जारी करें। कानूनी संरक्षण देने में कोई बाधा नहीं है। अगर उनसे आवश्यक दस्तावेज नहीं प्राप्त किया जा सका तो उसे राज्य पुलिस की विफलता मानी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस आकर बताए कि वह सहयोग नहीं कर रहे हैं तब मामले को देखा जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ विधायकों के हस्ताक्षर विवाद के मामले में FIR को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने भी मामला दायर करने की अनुमति दी है।