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हर साल होगी भर्ती, केंद्र सरकार की शिक्षा नीति अपनाएगा राज्य: उच्च शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

उच्च शिक्षा मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब 22 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया था।

कोलकाताःपश्चिम बंगाल में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के संकेत देते हुए राज्य के नव-नियुक्त उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में हर साल भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी और केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू किया जाएगा, ताकि राज्य के छात्रों को देश के अन्य हिस्सों के समान अवसर मिल सकें।

बयान ऐसे समय में आया है जब 22 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया था। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यह बड़ा फैसला आया, जिसका सीधा असर हजारों शिक्षकों पर पड़ा। इसके बाद ‘योग्य’ शिक्षक सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने लगे और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।

इन्हीं हालातों के बीच सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार के संकेत दिए हैं। मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र की शिक्षा नीति के हर प्रावधान को लागू करेगी। उन्होंने कहा, “हम केंद्र सरकार की शिक्षा नीति के सभी पहलुओं को यहां लागू करेंगे, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को देश के अन्य हिस्सों की तरह समान सुविधा मिल सके।”

शिक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ी मांग लगातार भर्तियों की रही है। छात्रों और शिक्षकों दोनों का मानना है कि जब तक रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे, तब तक योग्य युवा राज्य में टिक नहीं पाएंगे। इस पर मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र के अनुसार हर साल एसएससी, पीएससी, पुलिस और नगर सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होंगी। उच्च शिक्षा से लेकर तकनीकी शिक्षा तक हर क्षेत्र में नियुक्तियां समय पर और निष्पक्ष तरीके से की जाएंगी।

कार्यभार संभालने के बाद मंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक बैठक भी की। इस बैठक में अधिकारियों ने विभाग की समस्याओं और कमियों को खुलकर सामने रखा। मंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद विभाग में एक सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है, जहां अधिकारी बिना डर के अपनी बात रख रहे हैं।

उन्होंने संकेत दिया कि अब शिक्षा विभाग में समयबद्धता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी और सुधार की शुरुआत 'विकास भवन’ से की जाएगी।

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