लंदन : टेनिस जगत की महान खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने मंगलवार को क्वीन्स क्लब में प्रतिस्पर्धी टेनिस में शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की। लगभग चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोर्ट पर लौटीं 44 वर्षीय अमेरिकी स्टार ने अपने प्रदर्शन से एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी प्रतिस्पर्धी भावना और खेल कौशल अब भी बरकरार है।
हाल ही में उन्हें ग्रास कोर्ट महिला टेनिस प्रतियोगिता में युगल वर्ग के लिए वाइल्ड कार्ड प्रवेश मिला था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने कनाडा की युवा खिलाड़ी विक्टोरिया म्बोको के साथ जोड़ी बनाई। उनकी वापसी ने लंदन के टेनिस प्रेमियों और खेल जगत का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
क्वीन्स क्लब में खेले गए मुकाबले में सेरेना विलियम्स और विक्टोरिया म्बोको की जोड़ी ने तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी निकोल मेलिचार-मार्टिनेज और एरिन रूटलिफ़ को 7-6 (2), 6-2 से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
लंबे समय बाद कोर्ट पर उतरने के बावजूद सेरेना के खेल में किसी प्रकार की जंग नहीं दिखाई दी। उन्होंने अपनी ताकतवर शॉट्स, अनुभव और आक्रामक शैली का शानदार प्रदर्शन किया। कनाडाई किशोरी विक्टोरिया म्बोको के साथ उनकी समझदारी और तालमेल भी देखने लायक रहा।
मैच के बाद कोर्ट पर बातचीत करते हुए सेरेना विलियम्स ने कहा कि यह बेहद मजेदार था। विकी के साथ खेलना बहुत स्वाभाविक लगा। मुझे लगता है कि मेरे पास करने के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं था। घर पर बैठे-बैठे मैं थक गई थी। मेरे बच्चे भी इस समय गर्मी की छुट्टियों पर हैं, इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न फिर से कोर्ट पर लौटूं।
23 बार की ग्रैंड स्लैम महिला एकल चैंपियन सेरेना विलियम्स को क्वीन्स क्लब के महिला युगल ड्रॉ में वाइल्ड कार्ड दिया गया है और वह कनाडा की उभरती हुई स्टार विक्टोरिया म्बोको के साथ खेल रही हैं।
सेरेना ने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम एकल खिताब वर्ष 2017 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीता था। उस समय वह गर्भावस्था के शुरुआती चरण में थीं। यह जीत उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
इसके बाद उन्होंने मातृत्व अवकाश से वापसी करते हुए चार और ग्रैंड स्लैम फाइनल खेले। इनमें दो फाइनल विंबलडन चैंपियनशिप और दो फाइनल यूएस ओपन में पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा।
सेरेना विलियम्स का लक्ष्य उस समय ऑस्ट्रेलिया की महान टेनिस खिलाड़ी मार्गरेट कोर्ट के 24 ग्रैंड स्लैम एकल खिताबों के रिकॉर्ड की बराबरी करना था, लेकिन वह इस उपलब्धि से एक कदम पीछे रह गईं।
हालांकि क्वीन्स क्लब में उनकी यह सफल वापसी यह संकेत देती है कि टेनिस की यह दिग्गज खिलाड़ी अब भी बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखती हैं। चार साल बाद कोर्ट पर उतरकर जीत हासिल करना उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।