काबुल : अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में कम से कम 13 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। तालिबान के अनुसार यह हमला मंगलवार देर रात शुरू हुआ और बुधवार को इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। उनके मुताबिक इन हमलों में 11 बच्चों, एक बुजुर्ग और एक महिला की जान चली गई।
मुजाहिद ने यह भी कहा कि हमले में 14 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं और उनका विभिन्न अफगान अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्होंने इस हमले से जुड़ी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन कर हमला करने का आरोप लगा है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच कई बार तनाव बढ़ चुका है। अक्टूबर 2025 में दोनों देशों के बीच गंभीर संघर्ष शुरू हुआ था। पाकिस्तान का आरोप रहा है कि काबुल उसकी आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जिसके चलते उसने हवाई कार्रवाई की।
इस्लामाबाद लगातार दावा करता रहा है कि तालिबान सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी जैसे संगठनों को पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों के लिए समर्थन दे रही है। इसी क्रम में मार्च महीने में पाकिस्तान ने काबुल के एक पुनर्वास केंद्र पर भी हवाई हमला किया था, जिसमें 269 आम नागरिकों की मौत होने का दावा किया गया था।
हाल ही में इस मुद्दे को लेकर भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की आलोचना की थी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पाकिस्तान अफगानिस्तान में आम नागरिकों का नरसंहार कर रहा है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए धर्म तथा आतंकवाद का सहारा लेकर हमले कर रहा है।
वहीं पाकिस्तान का कहना है कि सभी अलगाववादी संगठन भारत समर्थित प्रॉक्सी समूह ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ से जुड़े हैं। इस आरोप पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान लगातार दुष्प्रचार कर रहा है और बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।