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गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहीं नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस, प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची में इंतजार

राजघराने की सदस्य होने के बावजूद नहीं मिली प्राथमिकता, सामान्य मरीजों की तरह इलाज जारी।

By रजनीश प्रसाद

Jun 08, 2026 14:21 IST

ओस्लो : नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेट मैरिट गंभीर फेफड़ों की बीमारी पल्मोनरी फाइब्रोसिस से पीड़ित हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। राजपरिवार के चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि फेफड़ों का प्रत्यारोपण नहीं होने की स्थिति में उनके पास संभवतः एक वर्ष से भी कम समय बचा हो सकता है। इसके बावजूद नॉर्वे की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है और अन्य मरीजों की तरह ही उन्हें फेफड़ों के प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

नॉर्वे के सरकारी अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया में सभी मरीजों के लिए समान नियम लागू होते हैं। इसलिए क्राउन प्रिंसेस होने के बावजूद मेट मैरिट को किसी प्रकार की प्राथमिकता नहीं दी गई है।

52 वर्षीय मेट मैरिट वर्ष 2018 से पल्मोनरी फाइब्रोसिस से जूझ रही हैं। इस बीमारी के कारण उनके फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता लगातार कम होती जा रही है जिससे उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी बीमारी का असर राजपरिवार की आधिकारिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है।

शुक्रवार को नॉर्वे के राजपरिवार ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले छह महीनों में उनकी हालत तेजी से खराब हुई है। फेफड़ों में बनने वाले स्कार टिश्यू की संख्या बढ़ रही है और अंग की कार्यक्षमता लगातार घट रही है। ओस्लो यूनिवर्सिटी अस्पताल के चिकित्सकों ने पिछले वर्ष ही जल्द से जल्द प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी थी हालांकि उस समय उनका नाम प्रत्यारोपण सूची में शामिल नहीं किया गया था।

हाल ही में उनकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उनके पति क्राउन प्रिंस हाकुन को जापान यात्रा बीच में छोड़कर नॉर्वे लौटना पड़ा। वहीं ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही उनकी बेटी भी मां की बीमारी की खबर मिलने के बाद वापस लौट आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि फेफड़ों का प्रत्यारोपण अत्यंत जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए उपयुक्त रक्त समूह, सही आकार का अंग और ऊतक अनुकूलता आवश्यक होती है। नॉर्वे में हर वर्ष लगभग 35 फेफड़ों के प्रत्यारोपण किए जाते हैं। चूंकि प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी नहीं है, इसलिए राजपरिवार को उम्मीद है कि निर्धारित नियमों के तहत मेट मैरिट का उपचार जल्द हो सकेगा। इस बीच नॉर्वे के शाही महल ने उनकी स्थिति को “जीवन के लिए खतरे वाली” बताया है। उनकी 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ के समारोह को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

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