तेहरान : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संयम बरतने की सलाह को नजरअंदाज करते हुए इजराइल ने सोमवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एक साथ हवाई हमला किया। इजराइली वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान के विभिन्न सैन्य अड्डों को निशाना बनाया, जहां कई मिसाइलें दागी गईं। हमलों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में काला धुआं फैल गया।
बताया गया है कि पश्चिमी ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सैन्य अड्डों के अलावा ड्रोन बेस और मिसाइल प्रक्षेपण केंद्र मौजूद हैं। वहीं मध्य ईरान में मिसाइल भंडारण केंद्र और सैन्य कमांड सेंटर स्थित हैं। इज़राइली वायुसेना ने दोनों क्षेत्रों पर एक साथ कार्रवाई की।
हमले के बाद इज़राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि पश्चिमी और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि इस हमले में हुए नुकसान या हताहतों की संख्या के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
वर्तमान तनाव की शुरुआत दाहियेह क्षेत्र में इजराइल के हवाई हमले से हुई थी। यह इलाका हिज़्बुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है। उस हमले के बाद तेहरान ने इज़राइल को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके 24 घंटे के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हाइफ़ा से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित रामात डेविड वायुसेना अड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि इज़राइल की वायु रक्षा प्रणाली ने इन मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा था कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करेंगे और उन्हें जवाबी हमला न करने की सलाह देंगे। ट्रंप का कहना था कि इज़राइल और ईरान दोनों अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं और अब संघर्ष को आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।
इसके बाद ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत भी हुई लेकिन उस चर्चा का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। बाद में ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है तो नेतन्याहू के पास उसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय वही लेते हैं।
हालांकि ट्रंप की इस सलाह और संभावित समझौते की चर्चा के बावजूद इजराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नया हवाई हमला कर क्षेत्रीय तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।