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इंडिया गठबंधन की बड़ी बैठक सोमवार को, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश और अन्य विपक्षी नेता नई दिल्ली में करेंगे मंथन

23 दल तय करेंगे भाजपा के खिलाफ रणनीति, विधानसभा चुनावों के बाद इंडिया गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, मतभेदों पर भी होगी चर्चा

By डॉ अभिज्ञात

Jun 07, 2026 22:31 IST

नई दिल्ली/ कोलकाताः हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की हार के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्षी इंडिया गठबंधन सोमवार 8 जून को महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। बैठक में 23 विपक्षी दलों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। इसका उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना और गठबंधन के भीतर उभरे मतभेदों को दूर करना है।

राहुल, ममता, अखिलेश और तेजस्वी समेत कई नेता होंगे शामिल

राष्ट्रीय राजधानी स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित होने वाली इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उद्धव ठाकरे, वामपंथी दलों के नेता तथा कई छोटे दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 23 राजनीतिक दलों ने "इंडिया जनबंधन" की बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कुछ दल अपनी विशेष परिस्थितियों के कारण शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वे भी केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं।

डीएमके और आप के दूर रहने की संभावना

बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके के शामिल होने की संभावना नहीं है। आम आदमी पार्टी पहले ही सार्वजनिक रूप से गठबंधन से दूरी बना चुकी है। वहीं डीएमके ने कांग्रेस द्वारा तमिलनाडु में उससे संबंध तोड़कर टीवीके समर्थित सरकार के साथ जाने के बाद बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। दूसरी ओर, टीवीके को गठबंधन में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

2029 लोकसभा चुनाव और राज्यों की रणनीति पर होगा मंथन

बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए विपक्ष की रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्षी दल राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता का संदेश देने और केंद्र सरकार के खिलाफ साझा अभियान की रूपरेखा तैयार करने का प्रयास करेंगे। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया चुनावी हार के बाद विपक्षी दलों पर एकजुट होने का दबाव बढ़ा है। तृणमूल कांग्रेस बैठक में पश्चिम बंगाल में अपने नेताओं पर कथित हमलों का मुद्दा उठाकर सहयोगी दलों का समर्थन मांग सकती है। तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि सभी दल साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक में भाग ले रहे हैं और गठबंधन की एकजुटता कायम है।

वाम दल कांग्रेस से मांग सकते हैं जवाब

हालिया चुनाव परिणामों के बाद गठबंधन के भीतर मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) कांग्रेस से यह मुद्दा उठा सकती है कि केरल विधानसभा चुनाव के दौरान वाम दलों और भाजपा के बीच राजनीतिक समझ होने के आरोप लगाए गए थे। सूत्रों के अनुसार राज्यसभा में पार्टी के नेता जॉन ब्रिटास बैठक में यह मुद्दा उठाकर कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। पार्टी महासचिव एम. ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसे आरोप विपक्षी गठबंधन की सहयोग भावना के अनुरूप नहीं हैं।

भाजपा ने साधा निशाना

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एम. ए. बेबी के पत्र का हवाला देते हुए इंडिया गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास न कोई स्पष्ट लक्ष्य है, न दृष्टि; इसमें केवल भ्रम, विभाजन, आरोप-प्रत्यारोप और पदों की महत्वाकांक्षा दिखाई देती है। हालांकि जयराम रमेश ने कहा कि भारत की तरह ही "इंडिया जनबंधन" भी अपनी विविधता के बावजूद एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां करोड़ों लोगों की आजीविका, युवाओं की उम्मीदों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित कर रही हैं।

पिछले दो वर्षों में कई बार हुई रणनीतिक बैठकें

इंडिया गठबंधन की आखिरी आधिकारिक बैठक 1 जून 2024 को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद 7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी ने अपने आवास पर विपक्षी नेताओं के लिए रणनीतिक रात्रिभोज का आयोजन किया था, जिसमें 25 से अधिक दलों के लगभग 50 नेता शामिल हुए थे। उस बैठक में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण सहित कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया था।

इसके बाद संसद सत्रों से पहले भी विपक्षी दल कई बार एकत्र हुए और सदन में समन्वय तथा केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त रूप से उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की। इनमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस लाने जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।

कांग्रेस ने बताया समय की मांग

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में समान विचारधारा वाली पार्टियों का एकजुट होना समय की आवश्यकता है। उनके अनुसार संविधान की रक्षा, महंगाई से राहत और देशहित के मुद्दों पर विपक्षी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गठित इंडिया गठबंधन में कई विपक्षी दल शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को चुनौती देने के उद्देश्य से एक साझा मंच तैयार किया था।

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