गाजियाबादः जिले में बिना मान्यता और आवश्यक अनुमतियों के संचालित शैक्षणिक एवं धार्मिक संस्थानों के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। इसी क्रम में शनिवार को इंदिरापुरम के कनावनी कॉलोनी और लोनी के अशोक विहार स्थित दो मदरसों को सील कर दिया गया।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कनावनी कॉलोनी में संचालित मदरसा न तो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकृत था और न ही उसके पास वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र मौजूद था। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संस्थान के पास अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं था।
निरीक्षण टीम में वक्फ विभाग, नगर निकाय और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक, मदरसे में नियमों के विपरीत छात्रावास भी संचालित किया जा रहा था, जहां रहने वाले बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इससे बच्चों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर चिंता जताई गई।
प्रशासन ने मदरसे की मुख्य इमारत को सील कर दिया है। साथ ही प्रबंधन को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
नगर पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। मदरसे में रह रहे कुछ बच्चों को उनके घर भेज दिया गया है, जबकि अन्य बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
उधर, लोनी के अशोक विहार स्थित मदरसा इस्लामिया काशिफुल उलूम को भी जांच के बाद सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, संस्थान आवश्यक मान्यता और सरकारी अनुमति के बिना संचालित हो रहा था। जांच में कई जरूरी औपचारिकताएं अधूरी पाई गईं।
प्रशासन ने पहले मदरसा प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद कार्रवाई की गई। ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर मदरसे को सील किया गया है।
गौरतलब है कि गाजियाबाद में अवैध निर्माणों और बिना मान्यता वाले संस्थानों के खिलाफ अभियान हाल के दिनों में और तेज हुआ है। यह कार्रवाई 17 वर्षीय सूर्य चौहान की हत्या के बाद और सख्त हुई है। सूर्य चौहान की 28 मई को कथित रूप से उसके मित्र असद के साथ विवाद के बाद चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इसी अभियान के तहत इस सप्ताह खोड़ा क्षेत्र में दो मदरसों को सील किया गया था, जबकि 3 जून को मसूरी क्षेत्र में एक अन्य मदरसे को ध्वस्त किया गया था।