फिरोजपुरः पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। यह हादसा फिरोजपुर–फाजिल्का मार्ग पर जंगा वाला मोड़ के पास उस समय हुआ जब एक पीकअप वाहन और ट्रक की जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे में मारे गए लोगों में चार महिलाएं और एक नाबालिग बच्ची भी शामिल हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, कुल 32 लोग एक पीकअप वाहन में सवार होकर जलालाबाद से अमृतसर के बीस इलाके में अस्थियां विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनका वाहन हादसे का शिकार हो गया। कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सिविल सर्जन डॉ. निखिल गुप्ता ने बताया कि जिन घायलों की हालत गंभीर थी, उन्हें आगे के इलाज के लिए फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह सरकारी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भूपिंदर सिंह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
इसी बीच, हादसे में जीवित बचे 12 वर्षीय अंशप्रीत सिंह ने बताया कि वह अपनी दादी की अस्थियां विसर्जित करने परिवार के साथ जा रहा था। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 3:30 बजे यात्रा शुरू हुई थी और सब कुछ सामान्य था, लेकिन जंगा वाला मोड़ के पास अचानक दुर्घटना हो गई।
मृतकों की पहचान कर्नैल सिंह, महिंदर सिंह, राज कुमार, भूपो बाई, माया बाई, जीतो बाई, सुखविंदर कौर (सभी जलालाबाद क्षेत्र, फाजिल्का जिला निवासी) तथा दर्शन सिंह और विद्या बाई (कमाले वाला गांव, फिरोजपुर निवासी) के रूप में हुई है।
स्थानीय नेताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। वहीं पूर्व विधायक रामिंदर सिंह आवला ने इस सड़क को लेकर सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फोर-लेन परियोजना में देरी के कारण इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं और कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और घायलों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।