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फिर अशांत हुआ मणिपुर, अंधाधुंध गोलीबारी में 3 लोगों की मौत, कई घर आग के हवाले

शुक्रवार (5 जून) की सुबह करीब 4.10 बजे भारी हथियारों के साथ कुल लोग गांव में घुस गए और अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे।

By Elina Dutta, Moumita Bhattacharya

Jun 05, 2026 21:25 IST

मणिपुर में शांति व्यवस्था को बहाल करने की कोशिशों के बावजूद एक बार फिर से कांपोकपी जिले से संघर्ष की खबरें सामने आ रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार (5 जून) की अहले सुबह जिले के न्यू कैथलमानवी इलाके के लइबोल गांव में हुए हथियारबंद हमला हुआ।

इस हमले में कम से कम 3 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है। हमलावरों ने कई घरों को आग के हवाले कर दिया। बड़ी संख्या में घर पूरी तरह से जलकर राख हो गए।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार (5 जून) की सुबह करीब 4.10 बजे भारी हथियारों के साथ कुल लोग गांव में घुस गए और अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगे। अचानक हुए इस हमले की वजह से पूरे गांव में आतंक का माहौल फैल गया।

जान बचाने के लिए ग्रामीण घरों से निकलकर इधर-उधर भागने लगे। हमले के साथ-साथ असामाजिक तत्वों ने कई घरों में आग भी लगा दी। इस नृशंस हमले में 3 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है।

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प्रशासन ने मृतकों की पहचान उजागर की है। उनके नाम लेटखोंगाम हाउकिप, टिनमारी हाउकिप और जांगमिनलाल हाउकिप बताया जाता है। घटना की वजह से स्थानीय कुकी समुदाय के लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। हमले की जानकारी मिलते ही तुरंत सुरक्षा वाहिनी मौके पर पहुंच गयी।

सेना, केंद्रीय बल और राज्य पुलिस के सदस्यों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया। इस हमले के पीछे किन लोगों का हाथ है, उनके बारे में जानकारी जुटायी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

वहीं स्थानीय निवासियों का दावा है कि हथियारबंद आतंकी संगठन के सदस्यों ने इस हमले को अंजाम दिया हो सकता है। घटना के बाद से इलाके की सुरक्षा को मजबूत कर दिया गया है। किसी प्रकार की उत्तेजना को फैलने से रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि परिस्थिति अब नियंत्रण में है।

गौरतलब है कि वर्ष 2023 से ही मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातिगत संघर्ष की वजह से हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं और सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। आज (5 जून) को हुआ हमला एक बार फिर यह साबित करता है कि राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

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