उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना में करोड़ों रुपये की चोरी करने के आरोप में नेपाल के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब सात किलो सोना, एक किलो चांदी के जेवर, सोने-चांदी के सिक्के और बिस्कुट बरामद हुए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी तेलंगाना से चोरी करके नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन रामपुर पुलिस और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उन्हें उत्तराखंड सीमा के पास पकड़ लिया गया।
रामपुर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल के कैलाली जिले के निवासी कमल शाही, उसकी पत्नी विमला शाही और साली कल्पना शाही शामिल हैं। तीनों तेलंगाना के साइबराबाद जिले के गाचीबौली इलाके में एक बड़े व्यापारी के घर घरेलू नौकर के रूप में काम कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक तीनों करीब डेढ़ महीने पहले तेलंगाना पहुंचे थे। वहां पहले से रह रहे नेपाल निवासी सुरेश नामक व्यक्ति ने उन्हें व्यापारी के घर नौकरी दिलवाई थी। आरोप है कि तीनों ने लगभग एक महीने तक परिवार की सेवा कर उनका विश्वास जीता और इसी दौरान घर में रखे कीमती जेवर, सोना-चांदी और अन्य सामान की पूरी जानकारी हासिल कर ली।
बताया गया कि 7 जून की रात व्यापारी परिवार किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपियों ने घर में रखे सोने-चांदी और जेवरात को बैग में भरा और वहां से फरार हो गए। चोरी की जानकारी मिलते ही तेलंगाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चूंकि मामला एक बड़े व्यापारी से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने तुरंत सर्विलांस और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।
आरोपियों की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद नहीं किए। इसके कारण तेलंगाना पुलिस लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक करती रही। जांच में पता चला कि तीनों पहले ट्रेन से दिल्ली पहुंचे और वहां से बस पकड़कर उत्तराखंड के रुद्रपुर जाने की तैयारी कर रहे थे। योजना थी कि उत्तराखंड पहुंचने के बाद वे नेपाल भाग जाएंगे।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर तेलंगाना पुलिस ने रामपुर पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही रामपुर की एसओजी और बिलासपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। सोमवार देर रात से ही उत्तराखंड की ओर जाने वाली बसों और अन्य वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई। कुछ समय बाद तेलंगाना पुलिस की टीम भी रामपुर पहुंच गई और संयुक्त अभियान चलाया गया।
मंगलवार सुबह उत्तराखंड बॉर्डर के पास से गुजर रही एक बस में तीनों संदिग्धों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में सोना-चांदी, जेवरात, सिक्के और बिस्कुट बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि बरामद माल उसी व्यापारी के घर से चोरी किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद कमल शाही ने मीडिया के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि चोरी उन्होंने नहीं की। उसका दावा है कि सुरेश नामक व्यक्ति ने ही चोरी की थी और उसने उन्हें एक बैग देते हुए कहा था कि इसे नेपाल में उसके घर पहुंचा देना। कमल के मुताबिक उन्हें यह नहीं पता था कि बैग में सोना-चांदी और जेवरात हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल उसके इस दावे की जांच कर रही है।
पुलिस को संदेह है कि इस पूरी वारदात में सुरेश की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए अब तेलंगाना पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि उसने ही आरोपियों को नौकरी दिलवाई और संभवतः चोरी की पूरी योजना बनाने में भी भूमिका निभाई।
एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि फिलहाल तीनों आरोपी रामपुर पुलिस की निगरानी में हैं। बरामद किए गए करोड़ों रुपये के जेवरात और कीमती सामान की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस गारद तैनात की गई है। जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह टीम बरामद माल की सुरक्षा करेगी।
पुलिस ने बताया कि तेलंगाना पुलिस बुधवार को अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन करेगी। अदालत से अनुमति मिलने के बाद तीनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और जांच के लिए तेलंगाना ले जाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आना बाकी हैं और जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।
इस कार्रवाई को रामपुर और तेलंगाना पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते की गई तकनीकी निगरानी और दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के कारण करोड़ों रुपये का चोरी गया माल बरामद कर लिया गया और आरोपियों को नेपाल सीमा तक पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।