नई दिल्लीः भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया रिकॉर्ड स्थापित करने की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों के नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं भेजीं। आधिकारिक बयान के अनुसार वैश्विक नेताओं ने उनकी परिवर्तनकारी शासन शैली, वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को मजबूती देने के प्रयासों तथा समावेशी और आर्थिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण के दृष्टिकोण की सराहना की।
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके ने पत्र भेजकर श्रीलंका की सरकार और जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल लंबे कार्यकाल का प्रतीक नहीं है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता द्वारा नेतृत्व पर लगातार जताए गए विश्वास का भी प्रमाण है। उन्होंने भारत में हुए आर्थिक और सामाजिक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने श्रीलंका सहित कई देशों को प्रेरित किया है।
राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत और श्रीलंका के घनिष्ठ संबंधों का भी उल्लेख किया। अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका की यात्रा की थी, जो उनकी उस देश की चौथी यात्रा थी। इस दौरान उन्हें श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ प्रदान किया गया था। यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। वर्ष 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत ने श्रीलंका को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी।
पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को नेतृत्व का आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि 20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर बेहतर जीवन उपलब्ध कराना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने भारत के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा भी व्यक्त की।
मई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी ने पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा की थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा थी। तीसरे भारत-प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी-III) शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ भारत के संबंधों को नई दिशा दी और वैश्विक दक्षिण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी मोदी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक मुद्दों पर एक प्रभावशाली आवाज़ बनकर उभरा है। उन्होंने मोदी के साधारण पृष्ठभूमि से देश के नेतृत्व तक पहुंचने के सफर का उल्लेख करते हुए विदेश नीति, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक प्रगति के क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों की सराहना की।
जुलाई 2025 में मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की ऐतिहासिक यात्रा की थी। 26 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। यह दौरा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हुआ था, जिसे दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया।