भोपालः मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग का दरवाजा भी खटखटाया है।
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का एक सुनियोजित प्रयास है। उनके अनुसार नामांकन पत्र में त्रुटि या जानकारी छिपाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और कांग्रेस से एक सीट छीनने की कोशिश की जा रही है।
मीनाक्षी नटराजन बोलीं- राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश
भोपाल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मीनाक्षी नटराजन ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने पर्याप्त संख्याबल न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारा और इसके बाद ऐसी राजनीतिक परिस्थितियां बनाई गईं जिनसे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सके। उनका कहना था कि यह केवल एक राज्यसभा सीट या किसी एक उम्मीदवार का मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, संघीय ढांचे और संविधान की मूल भावना से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
निर्वाचन आयोग पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी आयोग को अपना ज्ञापन सौंपना चाहती थी, लेकिन उन्हें प्रतीक्षा कक्ष में भी बैठने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल को जानबूझकर रोका गया। जयराम रमेश ने कहा कि सार्वजनिक संस्थाओं को सभी राजनीतिक दलों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए और पार्टी इस मामले में आयोग के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ने की घोषणा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी इस निर्णय को हर स्तर पर चुनौती देगी। उनके अनुसार कांग्रेस के कानूनी विशेषज्ञों ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन किया है और पार्टी कानूनी तथा राजनीतिक दोनों मोर्चों पर संघर्ष करेगी। पटवारी ने यह भी सवाल उठाया कि नामांकन से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया किस आधार पर अपनाई गई और कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
18 जून को होना है मतदान
मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव का मतदान 18 जून को निर्धारित है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद इस चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। कांग्रेस जहां इस फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ बता रही है, वहीं मामले पर अब सबकी नजर निर्वाचन आयोग और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।