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राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के विधायक बेंगलुरु भेजे

राज्यसभा रण से पहले ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ की एंट्री, कांग्रेस ने विधायकों को बेंगलुरु भेजा

By श्वेता सिंह

Jun 10, 2026 19:13 IST

भोपाल/बेंगलुरुः राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संभावित क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक जोड़तोड़ की आशंकाओं के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया है। पार्टी का दावा है कि यह कदम केवल विधायकों को एकजुट रखने और राज्यसभा चुनाव में पार्टी के वोटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

18 जून को होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस की यह रणनीति राज्य की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। राजनीतिक हलकों में इसे ‘रिसॉर्ट पॉलिटिक्स’ के नए अध्याय के रूप में भी देखा जा रहा है।

कांग्रेस का दावा-‘अपने वोट बचाने निकले हैं’

बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी प्रकार की राजनीतिक सेंधमारी की संभावना को हल्के में नहीं लेना चाहती। कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधायकों को बेंगलुरु लाने का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी के सभी वोट सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने मतों को किसी भी तरह प्रभावित नहीं होने देना चाहती और इसलिए विधायकों को एक साथ रखा जा रहा है। उनके अनुसार पार्टी अपने ही सदस्यों को साथ लेकर आई है ताकि मतदान के समय किसी तरह की अनिश्चितता न रहे।

भोपाल में बनी रणनीति, फिर हुआ शिफ्टिंग प्लान

विधायकों को बेंगलुरु भेजने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने भोपाल में व्यापक रणनीति तैयार की। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के बाद उमंग सिंघार ने संकेत दिया था कि पार्टी अपने विधायकों के मतदान को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी के सभी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुरूप मतदान करें।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंकाओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

नामांकन विवाद ने बढ़ाई कांग्रेस की नाराजगी

राज्यसभा चुनाव से जुड़ा विवाद तब और गहरा गया जब कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए।

मीनाक्षी नटराजन ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाकर चुनावी प्रक्रिया को नियंत्रित करने का प्रयास हो रहा है। उनके अनुसार यह संविधान और लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।

चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद पार्टी ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

मध्य प्रदेश के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की तबीयत खराब होने के कारण तत्काल चर्चा संभव नहीं हो पाई। अब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चुनाव अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां और शिकायतें रखेगा।

24 सीटों पर देशभर में होगा मुकाबला

इस बार राज्यसभा चुनाव में 10 राज्यों की 24 सीटों पर मतदान होना है। निर्वाचन आयोग ने 1 जून को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित की गई थी।

चुनाव जिन राज्यों में होंगे, उनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात की चार-चार सीटें शामिल हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में तीन-तीन सीटों के लिए मुकाबला होगा। झारखंड में दो सीटों पर चुनाव होना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय में एक-एक सीट के लिए मतदान कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा की एक-एक रिक्त सीट पर राज्यसभा उपचुनाव भी कराया जाएगा।

सिर्फ चुनाव नहीं, राजनीतिक ताकत की परीक्षा

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव अब केवल सांसद चुनने की प्रक्रिया भर नहीं रह गया है। यह राजनीतिक दलों की संगठनात्मक क्षमता, विधायकों पर पकड़ और रणनीतिक प्रबंधन की भी परीक्षा बन चुका है।

कांग्रेस द्वारा विधायकों को बेंगलुरु भेजना, नामांकन को लेकर विवाद और चुनाव आयोग तक पहुंचा मामला यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव का मुकाबला और अधिक दिलचस्प तथा राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है।

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