जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अहमदाबाद में आयोजित पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप (डब्ल्यूवाईसी) में पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाले राजस्थान के खिलाड़ियों तथा राजस्थान पुलिस के कर्मियों को बधाई दी है।
अशोक गहलोत ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्वर्ण पदक विजेता ऋतिक बिश्नोई, अर्जुन परिहार, आर्यांशी स्वामी, राजस्थान पुलिस की कांस्टेबल देवांशी शर्मा, अर्जुन परमार और गायत्री को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने रजत पदक विजेता सुमन यादव को भी उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने आगे कहा कि वह सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि ये खिलाड़ी अपनी प्रतिभा, समर्पण और कड़ी मेहनत के बल पर भविष्य में भी राजस्थान और देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा कि जिस तरह इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से राजस्थान और भारत का नाम रोशन किया है, उसी तरह वे आगे भी निरंतर सफलता हासिल करते रहें और नई ऊंचाइयों को छूएं।
इससे पहले 9 जून को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया था।
विश्व योगासन चैंपियनशिप के पहले संस्करण में मेजबान भारत ने पूरी प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय दल ने कुल 114 पदक जीतकर प्रतियोगिता का समापन किया। इनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल रहे, जो भारत की श्रेष्ठता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में भारत की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा था कि विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों द्वारा 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 114 पदक जीतना देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व सफलता भारत के युवाओं के समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम का प्रतीक है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर लगातार स्वीकार्यता और सम्मान मिल रहा है।
पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा कि योग की जन्मस्थली भारत ने विश्वगुरु के रूप में अपनी सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व को और मजबूत किया है। उन्होंने विश्व योगासन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के ये योग योद्धा आने वाले समय में भी देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करेंगे।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया के 79 देशों के कुल 522 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 31 देशों के खिलाड़ियों ने कम से कम एक पदक जीतने में सफलता हासिल की, जबकि 10 देशों ने कम से कम एक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। विश्व योगासन चैंपियनशिप के पहले संस्करण में भारत का यह प्रदर्शन योग के क्षेत्र में उसकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता और खेल कौशल का सशक्त प्रमाण माना जा रहा है।