कोलकाता : फीफा विश्व कप 2026 के रोमांच के बीच ब्राजील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को समर्पित एक अनोखी संगीत प्रस्तुति सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पर्कशन वादक, संगीत निर्देशक और फिल्म निर्माता अभिषेक बसु ने ब्राजील टीम के लिए विशेष एंथम ‘सेलेकाओ ऑन सॉन्ग’ (Seleção On Song) तैयार किया है। यह गीत फुटबॉल और संगीत प्रेमियों के बीच पहले ही उत्सुकता का विषय बन चुका है।
11 जून, गुरुवार को विभिन्न डिजिटल म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने जा रहा यह विशेष गीत 5 मिनट 7 सेकंड लंबा है। इस एंथम की परिकल्पना और संगीत अभिषेक बसु ने तैयार किया है, जबकि इसके सह-संगीतकार और गायक स्वर्गीय चंद्रचूड़ मुखोपाध्याय थे। इस वजह से यह परियोजना केवल ब्राजील फुटबॉल टीम को समर्पित एक एंथम नहीं, बल्कि दिवंगत कलाकार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी है।
‘सेलेकाओ ऑन सॉन्ग’ में विश्व संगीत, लैटिन अमेरिकी रिद्म, भारतीय तबला और पर्कशन के साथ आधुनिक साउंडस्केप का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इस गीत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी विशिष्ट भाषा का उपयोग नहीं किया गया है। स्कैटिंग शैली के जरिए एक ऐसी ध्वनि-भाषा तैयार की गई है, जिसे सुनने पर पहली बार में यह स्पेनिश या किसी लैटिन अमेरिकी भाषा जैसी लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह किसी भी भाषा से संबंधित नहीं है।
इस अनोखी अवधारणा के बारे में बताते हुए अभिषेक बसु ने कहा कि जैसे फुटबॉल की कोई भाषा नहीं होती, वैसे ही संगीत की भी कोई सीमा नहीं होती। उनके अनुसार फुटबॉल खिलाड़ी अक्सर मैदान पर संकेतों और कोड भाषा का उपयोग करते हैं ताकि प्रतिद्वंद्वी उनकी रणनीति को समझ न सके। इसी विचार से प्रेरित होकर उन्होंने ऐसी संगीत-भाषा तैयार करने का प्रयास किया, जिसे दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी समान रूप से महसूस और स्वीकार कर सकें।
कोलकाता के टॉलीगंज निवासी 44 वर्षीय अभिषेक बसु बचपन से ही ब्राजील फुटबॉल के बड़े प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने छह वर्ष की आयु से ही स्वर्गीय पंडित शंकर घोष और पंडित विक्रम घोष से तबला की शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2000 से वह दुनिया के विभिन्न देशों में प्रस्तुति देते आ रहे हैं। उनका मानना है कि ब्राजील की फुटबॉल शैली और लैटिन अमेरिकी संगीत के बीच एक स्वाभाविक लयात्मक समानता मौजूद है।
अभिषेक ने कहा कि वह केवल ब्राजील की फुटबॉल टीम के ही नहीं, बल्कि पूरी लैटिन अमेरिकी संगीत और संस्कृति के भी प्रशंसक हैं। उनके अनुसार भारतीय ताल और लैटिन रिद्म में कई समानताएं हैं। ब्राजील का फुटबॉल भी एक कला की तरह है, जहां लय, रचनात्मकता और भावनाएं एक साथ काम करती हैं। उन्होंने इसी भावना को इस गीत में समाहित करने की कोशिश की है।
इस गीत के बोल लगभग 15 वर्ष पहले लिखे गए थे और इसका निर्माण कार्य वर्ष 2018 में पूरा हो गया था। हालांकि लंबे समय तक इसे जारी नहीं किया गया। अब विश्व कप 2026 के माहौल को देखते हुए इसे रिलीज करने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे ब्राजील की मौजूदा टीम को लेकर अभिषेक बसु की नई उम्मीदें भी हैं।
उनका मानना है कि कार्लो आन्सेलोटी के मार्गदर्शन में ब्राजील की टीम इस बार विश्व कप में बड़ा प्रदर्शन कर सकती है। उन्होंने कहा कि भले ही वर्तमान टीम में पहले जैसी बड़ी स्टार शक्ति दिखाई न दे, लेकिन मौजूदा खिलाड़ी बेहद प्रतिभाशाली हैं। यदि सभी खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करें तो ब्राजील को हराना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।
विश्व कप से पहले रिलीज होने जा रहा ‘सेलेकाओ ऑन सॉन्ग’ केवल एक फुटबॉल एंथम भर नहीं माना जा रहा है। संगीत प्रेमियों के अनुसार यह फुटबॉल, संगीत और संस्कृति के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सेतु का काम कर सकता है। इसमें ब्राजील की फुटबॉल दर्शन, लैटिन अमेरिकी लय और भारत की समृद्ध पर्कशन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय संगीत और सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए अभिषेक बसु को कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। इनमें दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड, भारत डिग्निटी अवॉर्ड, इंडीफेस्ट कैलिफोर्निया बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड, अमेरिकन ट्रैक म्यूजिक अवॉर्ड्स और कलाकार अवॉर्ड जैसे पुरस्कार शामिल हैं।