पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कॉमनवेल्थ शतरंज चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा शतरंज खिलाड़ी रेयान एमडी को सम्मानित किया। रेयान ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक जीतकर बिहार और देश का नाम रोशन किया है।
पटना के जीडी गोयनका स्कूल का प्रतिनिधित्व करने वाले रेयान को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 22.5 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि, एक शॉल और स्मृति-चिह्न प्रदान किया।
रेयान ने 16 मई से 26 मई तक श्रीलंका में आयोजित कॉमनवेल्थ यूथ ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप 2026 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में 14 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और इसमें राष्ट्रमंडल देशों के कई प्रतिभाशाली युवा शतरंज खिलाड़ी शामिल थे।
अंडर-18 ओपन वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए रेयान ने असाधारण कौशल, धैर्य और निरंतरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाते हुए शीर्ष खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई। उनकी यह उपलब्धि बिहार और भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
रेयान के शानदार प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय युवा शतरंज की बढ़ती ताकत को भी रेखांकित किया है। उनकी सफलता को देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
इसी बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने भी सोमवार को भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण की ओर से उन्हें 50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की। यह सम्मान उन्हें नॉर्वे शतरंज 2026 टूर्नामेंट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए दिया गया।
चेन्नई स्थित मुख्य सचिवालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने 20 वर्षीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा के साथ शतरंज की एक बाजी भी खेली। हाल ही में प्रज्ञानानंदा नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं।
तमिलनाडु मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस सम्मान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित नॉर्वे शतरंज 2026 श्रृंखला का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाले ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को 50 लाख रुपये का चेक प्रदान किया और उनके साथ शतरंज खेला।
आर. प्रज्ञानानंदा ने ओस्लो में आयोजित नॉर्वे शतरंज 2026 के 10वें और अंतिम दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर इतिहास रचा। इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया।
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में शानदार वापसी करते हुए लगातार चार क्लासिकल मुकाबलों में जीत दर्ज की। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अपने करियर के सबसे बड़े खिताबों में से एक पर कब्जा जमाया और भारतीय शतरंज इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।