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मॉनसून ने उत्तर बंगाल में बढ़ाई रफ्तार, दक्षिण बंगाल में जल्द खत्म होगा इंतजार

मौसम विभाग ने 18 जून तक दक्षिण बंगाल में मॉनसून पहुंचने की जताई संभावना।

By श्वेता सिंह

Jun 10, 2026 09:54 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने इस वर्ष अपनी सामान्य रफ्तार के साथ मजबूत दस्तक दी है। केरल में 4 जून 2026 को प्रवेश करने के बाद मॉनसून ने महज पांच दिनों में उत्तर बंगाल तक पहुंच बनाकर मौसम विभाग की उम्मीदों के अनुरूप प्रगति दिखाई है। इसके साथ ही राज्य के उत्तरी हिस्सों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जबकि दक्षिण बंगाल में भी जल्द मॉनसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना बन रही है।

उत्तर बंगाल में पूरी तरह सक्रिय हुआ मॉनसून

मौसम विभाग के अनुसार 9 जून को मॉनसून ने उत्तर बंगाल में औपचारिक प्रवेश कर लिया। इस दौरान कलिम्पोंग, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिले पूरी तरह मॉनसून की चपेट में आ गए हैं। जलपाईगुड़ी का बड़ा हिस्सा और दार्जिलिंग के कुछ इलाके भी अब मॉनसून क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, केरल से उत्तर बंगाल तक मॉनसून पहुंचने का औसत समय 3 से 7 दिन होता है, और इस बार भी मॉनसून ने लगभग उसी सामान्य गति को बनाए रखा है।

अगले कुछ दिनों में और मजबूत होगा मॉनसून सिस्टम

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आने वाले 4 से 5 दिनों में मौसम की परिस्थितियां और अधिक अनुकूल बनेंगी। इसके चलते बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों, पश्चिम बंगाल के अन्य जिलों, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मॉनसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर बंगाल में प्रवेश के बाद मॉनसूनी हवाएं दक्षिण की ओर बढ़ती हैं, लेकिन शुरुआत में उनकी गति थोड़ी धीमी रहती है। इसके बावजूद वर्तमान मौसम का पैटर्न मॉनसून की आगे की प्रगति के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।

दक्षिण बंगाल में कब पहुंचेगा मॉनसून?

ऐतिहासिक आंकड़ों के आधार पर इस बार दक्षिण बंगाल में मॉनसून के 16 से 18 जून के बीच पहुंचने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इससे पहले वर्ष 2020 में मॉनसून 12 जून को दक्षिण बंगाल तक पहुंच गया था, जबकि 2024 में इसकी दस्तक 21 जून को हुई थी।

इस बार हवाओं की दिशा और समुद्री परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे देरी की संभावना कम मानी जा रही है। कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के लगभग 15 जिलों पर मौसम विभाग की विशेष निगरानी बनी हुई है।

उत्तर बंगाल में येलो अलर्ट, भारी बारिश जारी

मॉनसून की सक्रियता के साथ ही उत्तर बंगाल में लगातार बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि अन्य जिलों में मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इन तीन जिलों में छिटपुट भारी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं, जिससे पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी होगी।

कोलकाता में उमस बढ़ी, बारिश का इंतजार

कोलकाता और आसपास के दक्षिण बंगाल क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी और नमी का असर बना हुआ है। दिन का तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

उच्च आर्द्रता के कारण लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

सावधानी और प्रशासनिक अलर्ट

मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं, क्योंकि तेज बारिश कई जगहों पर नुकसान का कारण बन सकती है।

उत्तर बंगाल में सक्रिय मॉनसून अब धीरे-धीरे दक्षिण बंगाल की ओर बढ़ रहा है। यदि मौजूदा मौसम परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले एक सप्ताह में पूरा पश्चिम बंगाल मॉनसून के प्रभाव में आ सकता है। इससे जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कृषि और जल संसाधनों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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