कड़ी सुरक्षा के बीच अहले सुबह जहांगीर खान को अदालत में पेश किया गया। मंगलवार (9 जून) की सुबह करीब 4 बजे उन्हें डायमंड हार्बर के महकमा अदालत में पेश किया गया। अदालत परिसर को उस समय पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा था।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में केंद्रीय बल के जवानों को भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। सोमवार को स्वघोषित 'पुष्पा' की गिरफ्तारी के बाद से ही फलता के निवासियों में गुस्सा देखा जा रहा है। जहांगीर खान के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गयी।
संभावना जतायी जा रही है कि आम जनता के गुस्से को ध्यान में रखते हुए ही मंगलवार (9 जून) की अहले सुबह फलता थाना से कोर्ट परिसर के लॉक अप में जहांगीर खान को स्थानांतरित कर दिया गया था। जहांगीर खान के नाम पर वसूली, धमकी, घर में घुसकर तोड़फोड़, इलाका दखल करना, हिंसा फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।
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सोमवार यानी 8 जून को भारत-नेपाल सीमा पर मौजूद बंगाल के क्षेत्र पानीटंकी से राज्य पुलिस की STF ने गिरफ्तार किया। बागडोगरा से रात को ही उन्हें कोलकाता लाया गया।
डायमंड हार्बर अदालत में इस मामले की सुनवाई हो रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डायमंड हार्बर में जहांगीर खान के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए गए। एक मामले में उन्हें गिरफ्तार और अन्य मामलों में शैन एरेस्ट दर्शाया गया है।
गौरतलब है कि जहांगीर खान का नाम पहली बार सुर्खियों में तब आया जब उसने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने आक्रामक बयानों और अनोखे अंदाज दिए थे। उसने खुद को ‘फलता का पुष्पा’ बताते हुए कहा था कि 'किसी के सामने नहीं झुकेगा'।
हालांकि 21 मई को जब फलता विधानसभा केंद्र में पुनर्निर्वाचन हुए, उससे ठीक पहले उसने अचानक चुनावी मैदान छोड़ दिया था। मतदान से 48 घंटे पहले उसने चुनाव न लड़ने की घोषणा की। इसके बाद से स्वघोषित 'पुष्पा' आखिरकार फरार बताए जा रहे थे जिन्हें एसटीएफ ने सीमा क्षेत्र में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।