थाना से निकालकर जैसे ही तृणमूल के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्त को विधाननगर अदालत में ले जाया गया, उन्हें भी जनता के गुस्से का शिकार बनना पड़ा। किसी ने अंडे फेंके तो किसी ने टमाटर से निशाना बनाया।
पूर्व विधायक को निशाना बनाने के लिए एक व्यक्ति के हाथों में गोबर तक देखा गया। उक्त व्यक्ति का कहना है कि वह किसी भी प्रकार से सव्यसाची दत्त को गोबर जरूर लगाएंगे।
आरोप है कि साल 2018 में डराकर और धमकाकर सव्यसाची दत्त ने करीब 1 करोड़ रुपया वसूला था। इस मामले की शिकायत दर्ज होते ही सोमवार (8 जून) की देर रात को विधाननगर पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व मेयर सव्यसाची दत्त को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार (9 जून) को थाना के सामने स्थानीय लोगों ने भीड़ जमा की। इसी भीड़ में किसी के हाथों में अंडा, किसी के हाथों में टमाटर तो कोई गोबर तक लेकर आया था।
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हालांकि पुलिस की कड़ी पहरेदारी में सव्यसाची दत्त को थाना से बाहर निकाला गया लेकिन जनता के गुस्से का शिकार बनने से उन्हें नहीं रोका जा सका। उन्हें निशाना बनाकर एक के बाद एक कई अंडे फेंके गए। थाना के सामने मौजूद एक नाराज व्यक्ति का कहना है कि यह चोर नेता खुद को दबंग कहता था।
इसकी हिम्मत अपने चरम पर थी। लोगों पर अत्याचार करता था, लाठी फिराता था...डराता और धमकाता था। थाना से बाहर निकालते ही सव्यसाची को निशाना बनाकर लोगों ने अंडे मारना शुरू कर दिया। उन्हें तुरंत गाड़ी में तो चढ़ाया गया लेकिन फिर से उन्हें राहत नहीं मिली। एक युवक ने पुलिस की गाड़ी के दरवाजे के एक कोने से उनपर अंडा फेंक दिया। इसके साथ ही विधाननगर के रास्तों पर 'चोर-चोर' का नारा भी लगाया जाने लगा।
सव्यसाची दत्ता ने अपने बचाव में क्या कहा?
अपने बचाव में सव्यसाची दत्ता ने कहा कि आरोप लगाया जा रहा है कि साल 2018 में किसी को मैंने धमकाया था। आरोप तो कोई भी लगा सकता है। 1 करोड़ क्यों 100 करोड़ भी कह सकता है। 1 रुपया भी दिया है यह साबित कर पाया तो मुझे फांसी के फंदे पर लटका दिया जाए। जिन्होंने आरोप लगाया है वह खुद भी साल 2018 में विधाननगर उत्तर थाना की पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो चुके हैं। यह सिर्फ बदले की राजनीतिक के तहत किया जा रहा है।