कोलाघाट में मंगलवार (9 जून) को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक आयोजित हुई। गौर करने वाली बात रही कि पिछली बार की तरह इस बार भी प्रशासनिक बैठक में विपक्ष के सांसद और विधायक शामिल हुए। कोलाघाट की प्रशासनिक बैठक में पूर्व और पश्चिम मिदनापुर के साथ ही झारग्राम जिले को लेकर भी आयोजित हुई।
बैठक में घाटाल के तृणमूल सांसद व एक्टर देव (दीपक अधिकारी) के साथ ही मिदनापुर से टीएमसी सांसद जून मालिया, केशपुर के टीएमसी विधायक शिउली साहा और विधायक दीनेन राय भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि चुनाव के समय राजनीति होगी, लेकिन पूरे साल विकास और काम होगा। हम इसी तरह की बॉन्डिंग बनाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले कल्याणी, दुर्गापुर और नवान्न में आयोजित मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में भी विरोधी पार्टी के विधायक और सांसद उपस्थित रहे। मंगलावर (9 जून) को बैठक में शामिल होने आयी तृणमूल विधायक शिउली साहा ने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधि हैं।
लोगों के लिए काम करना हमारी जिम्मेदारी है। जनता के हित से जुड़े कार्यों के लिए विपक्षी नेताओं का आना स्वाभाविक है। लोगों के विकास के लिए जो भी पहल होगी, उसका समर्थन सभी करेंगे। बताया जाता है कि कोलाघाट के बलाका मंच में यह बैठक करीब 2 घंटे तक चली।
बैठक में विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किए जाने और उनके शामिल होने को लेकर मयना के भाजपा विधायक अशोक दिंदा ने कहा कि यही पहले की सरकार और वर्तमान सरकार के बीच का अंतर है। पहले जब हम जनता के वोट से जीतकर विधानसभा पहुंचते थे तब हमें कोई महत्व नहीं दिया जाता था। अब भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को बुला रही है। वे भी आ रहे हैं और अपनी बात रख रहे हैं।
अशोक दिंदा के इस बयान में वर्तमान राजनीतिक माहौल में विपक्षी जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक बैठकों में शामिल करने और उनकी राय सुनने की प्रक्रिया की सराहना की गई है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया कि मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जिन जिलों को लेकर यह प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई उनमें से बड़ा हिस्सा हर वर्ष बारिश के मौसम में बाढ़ और जलभराव की समस्या से प्रभावित होता है। इस वजह से स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन प्रशासन पहले से आवश्यक तैयारियां और एहतियाती कदम जरूर उठा सकती है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में घाटाल मास्टर प्लान को लेकर भी विशेष चर्चा हुई और इसके कार्यान्वयन को अधिक महत्व देने पर जोर दिया गया।
प्रशासनिक बैठक में विरोधी विधायकों और सांसदों की उपस्थिति के मामले में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आज 35 विधायकों को बुलाया था और सभी आएं। इनमें से 2 विरोधी विधायक भी थे। हमारा शुरुआत से ही मानना है कि विधायक का मतलब विधायक। बैठक में 4 सांसद भी आए थे। एक विरोधी पार्टी के सांसद ने कह ही दिया आपलोगों ने हमें बात कहने की आजादी दी।