बंगाल की राजनीति में मंगलवार (9 जून) की दोपहर को नई सरगर्मियां छा गयी। इस बार जांच एजेंसी CID ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के घर के सामने मौजूद TMC ऑफिस में तलाशी लेने पहुंची। बताया जाता है कि विधानसभा में हस्ताक्षर कांड के बाद तृणमूल के पार्टी ऑफिस में CID के अधिकारी तलाशी लेना चाहते थे।
लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद तृणमूल कर्मियों ने CID के अधिकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। अधिकारियों के साथ तृणमूल कार्यकर्ताओं की बहस होने लगी।
बता दें, वर्तमान में ममता बनर्जी व अभिषेक बनर्जी दोनों दिल्ली के दौरे पर हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सर्च वारंट लेकर CID की विशाल टीम मंगलवार (9 जून) की दोपहर कालीघाट में पहुंची। पूरे इलाके को पुलिस और केंद्रीय बल के जवानों ने घेर लिया।
लेकिन CID की टीम जैसे ही तृणमूल ऑफिस के अंदर प्रवेश करने गयी तभी पूर्व सांसद शुभाशिष चक्रवर्ती ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में घर में कोई नहीं है। जिनके नाम पर नोटिस है, वे घर पर नहीं है। इसके बाद उनकी कुछ देर CID के अधिकारियों के साथ बहस हुई। बाद में पूर्व सांसद ने अधिकारियों से कहा कि हमें थोड़ा समय दें।
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लेकिन CID की टीम ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि पहले ही नोटिस भेजा जा चुका था और आवश्यक अनुमति भी है। इसके बाद जब अधिक संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस वहां पहुंची तो CID के अधिकारियों ने तृणमूल समर्थकों की आपत्ति को दरकिनार कर पार्टी ऑफिस में प्रवेश किया। बताया जाता है कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर कैमक स्ट्रीट में अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में भी प्रवेश करते समय CID के अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। CID की टीम का आरोप है कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव के ऑफिस में कर्मचारियों ने असहयोग किया। विभिन्न कमरों के दरवाजों को बंद कर दिया गया।
हालांकि बाद में सभी बाधाओं को दरकिनार करते हुए CID के अधिकारी ऑफिस के अंदर प्रवेश करने में सफल हुए। बताया जाता है कि वर्तमान में कालीघाट और कैमक स्ट्रीट दोनों ऑफिसों में ही तलाशी अभियान चल रहा है।