जगन्नाथ मंदिर या फिर जगन्नाथ धाम? जिस समय दीघा के मंदिर में भगवान जगन्नाथ की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, उसी समय मंदिर के नामकरण को लेकर विवाद शुरू हो गया था। दीघा में भगवान जगन्नाथ मंदिर के साथ 'धाम' शब्द को जोड़ा गया था। राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा कर दी है कि जगन्नाथ मंदिर के साथ 'धाम' शब्द को नहीं जोड़ा जाएगा।
इस मंदिर का निर्माण भले ही पुरी के जगन्नाथ धाम के तर्ज पर किया गया हो लेकिन श्रद्धालुओं का एक समूह दीघा के मंदिर के साथ 'धाम' शब्द जोड़ने का विरोध कर रहा था। हालांकि तत्कालीन तृणमूल सरकार दीघा के जगन्नाथ 'मंदिर' के साथ 'धाम' शब्द जोड़ने के अपने फैसले पर अडिग रही।
पुरी के सांसद संबित पात्रा के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इस बात की घोषणा की। इस दौरान मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल भी मौजूद रहे।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दीघा के श्रीश्री जगन्नाथ धाम कल्चरल सेंटर से 'धाम' शब्द को वापस लिया जा रहा है। अब से इसका नाम श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर सांस्कृतिक केंद्र होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमानुसार ही पूजा और भजन इत्यादि पहले की तरह ही यहां चलती रहेगी।
गौरतलब है कि गत 6 मई 2025 को जब तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मंदिर का नामकरण किया था तब उन्होंने इसे जगन्नाथ 'धाम' नाम दिया था। इसका विरोध करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहनचरण माझी ने ममता बनर्जी को पत्र भी लिखा था।
राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखा। यह पत्र लेकर पुरी के सांसद संबित पात्रा नवान्न पहुंचे। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान 'जगन्नाथ धाम' के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में 4 धाम हैं जिसमें जगन्नाथ धाम शामिल हैं। आदि शंकराचार्य ने इसकी स्थापना की थी।
#WATCH | Howrah | BJP MP Sambit Patra says, "You are aware of how, in April 2025, the then-Bengal government established and inaugurated a Jagannath Temple in Digha, naming it 'Jagannath Dham'. We have no objection to the promotion or expansion of Jagannath temples...Even at that pic.twitter.com/TjH7OJmyHG
— ANI (@ANI) June 9, 2026
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व की तृणमूल सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सब कुछ जानने के बाद भी पूर्व की सरकार ने इस मंदिर के साथ 'धाम' शब्द को जोड़ा था। इस वजह से सिर्फ पुरी ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं को दुःख हुआ था।
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इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तित हुई है। नई सरकार सनातनी संस्कृति का पालन करती है। इसलिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अनुरोध है कि वह इस शब्द को वापस ले ले।
संबित पात्रा के अनुरोध को स्वीकार करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सभी दस्तावेजों में दीघा के मंदिर का नाम श्रीश्री जगन्नाथ धाम कल्चरल सेंटर के तौर पर लिखा हुआ है। लेकिन दीघा में 'धाम' शब्द सनातन के साथ सामन्जस्य नहीं रखता है।
VIDEO | Howrah, West Bengal: The West Bengal government will remove the word 'Dham' from the name of the Digha Jagannath Temple after an official request from Odisha Chief Minister Mohan Charan Majhi.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
Announcing the decision, West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari says, pic.twitter.com/hA2VAb3poD
इसके बाद ही उन्होंने 'धाम' शब्द को वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि अब से 'धाम' शब्द को वापस लिया जा रहा है। दस्तावेजों में इसका नाम श्रीश्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर के तौर पर लिखा जाएगा। साथ ही इसका परिचय श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर के तौर पर होगा।
इस फैसले का दीघा जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्ट और प्रधान पुरोहित व इस्कॉन कोलकाता के सह-अध्यक्ष राधारमन दास ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले को मतविरोध के तौर पर नहीं देखना चाहिए बल्कि यह दो राज्यों के बीच के रिश्ते को और मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।