नई दिल्लीः केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपने जवानों की साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से 5,000 साइबर कमांडो तैयार करने की विशेष पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य भविष्य में बढ़ते डिजिटल खतरों और साइबर हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना है।
इस अभियान के तहत 8 जून से चेन्नई स्थित IIT मद्रास प्रवर्तक में छह सप्ताह का उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। पहले बैच में CISF के 35 कर्मी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नेटवर्क एवं क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल फोरेंसिक, साइबर खतरों की पहचान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, घटना प्रतिक्रिया (Incident Response) तथा साइबर कानूनों से जुड़े विषयों की गहन जानकारी दी जाएगी।
CISF ने बताया कि वह गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की राष्ट्रीय क्षमता निर्माण पहल में सक्रिय योगदान दे रहा है। इसी दिशा में बल ने मजबूत प्रशिक्षण तंत्र विकसित किया है। अब तक 1,600 से अधिक कर्मी राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (दिल्ली एवं गांधीनगर), डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, पुणे तथा राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद जैसे संस्थानों से साइबर सुरक्षा और साइबर कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
बल CERT-In के साथ सूचना सुरक्षा ऑडिटिंग संगठन के रूप में पंजीकरण की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए कर्मियों को सूचना सुरक्षा तथा ISO/IEC 27001 प्रमाणन कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे साइबर ऑडिट, अनुपालन और जोखिम प्रबंधन की आंतरिक क्षमता विकसित की जा सके।
देश के हवाई अड्डों, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, बंदरगाहों, मेट्रो नेटवर्क और सरकारी भवनों जैसी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा का दायित्व संभालने वाली CISF का कहना है कि भौतिक और साइबर सुरक्षा के बीच का अंतर लगातार कम हो रहा है। ऐसे में बल अपनी क्षमताओं को लगातार आधुनिक बना रहा है।
सरकारी और निजी संस्थानों को सुरक्षा तथा अग्नि सुरक्षा परामर्श सेवाएं देने वाली CISF राम जन्मभूमि, मुंबई और पुणे के बिजनेस पार्क, IIM इंदौर, BHU तथा दिल्ली पुलिस मुख्यालय जैसी परियोजनाओं को भी सुरक्षा परामर्श प्रदान कर चुकी है। CISF का कहना है कि नई प्रमाणित साइबर क्षमताओं के साथ वह एक समग्र सुरक्षा प्रदाता के रूप में उभर रही है। निकट भविष्य में बल सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को साइबर सुरक्षा परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है।