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पंजाब की डॉक्टर मीनाक्षी सूद की संदिग्ध मौत, पति पर प्रताड़ना और धोखाधड़ी के आरोप

जालंधर डॉक्टर डेथ केस: विवाहेतर संबंध, करोड़ों के लोन और मौत की गुत्थी

चंडीगढ़ : पंजाब के जालंधर में एक महिला चिकित्सक का शव बरामद होने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मृतक चिकित्सक के मायके पक्ष ने उनके पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महिला को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा पति पर वित्तीय धोखाधड़ी और विवाहेतर संबंध रखने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान मीनाक्षी सूद के रूप में हुई है। वह कपूरथला के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सक के पद पर कार्यरत थीं। क्षेत्र के पुलिस अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह जालंधर स्थित उनके घर से शव बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक मीनाक्षी के कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को खिड़की तोड़कर घर के भीतर प्रवेश करना पड़ा। कमरे के फर्श पर मीनाक्षी का शव पड़ा मिला। घटना के समय उनके पति डॉ. पीयूष सूद का मोबाइल फोन बंद था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। मीनाक्षी के पिता द्वारा दिए गए बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मीनाक्षी के पति डॉ. पीयूष सूद भी पेशे से चिकित्सक हैं। जालंधर में उनका एक नेत्र अस्पताल संचालित होता है। मीनाक्षी के मायके पक्ष का आरोप है कि पीयूष सूद अपनी पत्नी के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करते थे। परिवार का यह भी दावा है कि उन्होंने मीनाक्षी को जानकारी दिए बिना उनके नाम पर बड़ी राशि के ऋण ले लिए थे।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉ. पीयूष सूद का अस्पताल की एक महिला कर्मचारी के साथ विवाहेतर संबंध था। बताया गया है कि मीनाक्षी और पीयूष का विवाह वर्ष 2018 में हुआ था।

मीनाक्षी के पिता प्रमोद कुमार ने आरोप लगाया कि पीयूष ने कार खरीदने के लिए मीनाक्षी के नाम पर लगभग 45 लाख रुपये का ऋण लिया था। उस ऋण की मासिक किस्तें मीनाक्षी को अपनी तनख्वाह से चुकानी पड़ती थीं। परिवार का यह भी दावा है कि इसके अतिरिक्त पीयूष ने मीनाक्षी को बताए बिना लगभग ढाई करोड़ रुपये का एक और ऋण लिया था। आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर मीनाक्षी के हस्ताक्षर भी नहीं थे।

जानकारी के अनुसार, लगातार विवाद और कथित प्रताड़ना के कारण मीनाक्षी मानसिक रूप से काफी परेशान थीं। वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ने के बाद उन्होंने पिछले वर्ष जुलाई से पति से अलग रहना शुरू कर दिया था। बताया जा रहा है कि वह विवाह-विच्छेद के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की योजना भी बना रही थीं।

मीनाक्षी के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई थी। मृतक चिकित्सक के परिवार का दावा है कि मीनाक्षी को अपने पति के कथित विवाहेतर संबंध के बारे में जानकारी मिल गई थी। परिवार को आशंका है कि इसी वजह से उनकी हत्या की गई हो सकती है।

फिलहाल पुलिस सभी आरोपों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों और तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

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