तेहरान : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को एक बार फिर सभी प्रकार के जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि कोई भी जहाज इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईरान में नए सिरे से सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के जवाब में आईआरजीसी ने यह फैसला लिया है। अमेरिकी समाचार माध्यम सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में कहा है कि तेल टैंकरों सहित सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा और क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण यह कदम उठाया गया है।
आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिका के अल-अजराक वायुसेना अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। संगठन के अनुसार इस हमले में 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं जिससे अमेरिकी कमांड सेंटर नष्ट हो गया और कई लड़ाकू विमान भी तबाह हो गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया था कि बुधवार से ईरान पर बड़े पैमाने पर नए हमले किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि समझौते में देरी के कारण ईरान को अब “भारी कीमत” चुकानी होगी।
अमेरिका का दावा है कि उसने पश्चिमी तेहरान के अलावा केश्म और हेंगाम द्वीप, सीरिक और मिनाब शहर, बंदर अब्बास, गोरगान, फार्स प्रांत और खारज क्षेत्र में भी हमले किए हैं। वहीं, ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने सीरिक में दो जलाशयों को भी निशाना बनाया है जिससे उस क्षेत्र में पेयजल संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।