तेहरान : ईरान के आकाश में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। यह कदम कथित रूप से उस घटना के जवाब में उठाया गया है जिसमें सोमवार को अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक अपाचे’ हेलिकॉप्टर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में गिर गया था। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है।
अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई उस कथित हमले के जवाब में की गई जिसमें ‘अपाचे’ हेलिकॉप्टर को निशाना बनाया गया था। वहीं ईरान ने इस घटना के जवाब में पलटवार का दावा किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि बहरीन में तैनात अमेरिकी पांचवें बेड़े पर ड्रोन हमला किया गया है।
सोमवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना का एक अत्याधुनिक ‘अपाचे’ हेलिकॉप्टर गिर गया था। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सीधे तौर पर ईरान पर आरोप लगाए। ट्रम्प ने दावा किया कि सोमवार रात ओमान के तट के पास ईरानी बलों ने इस हेलिकॉप्टर पर गोलीबारी की थी और इसे निशाना बनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ट्रम्प की इस चेतावनी के बाद मंगलवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। सेंटकॉम के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रपति के आदेश पर “आत्मरक्षा” में की गई और इसे “आनुपातिक प्रतिक्रिया” बताया गया।
सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरान की “अनुचित आक्रामकता का उचित जवाब” है। इसके तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास ईरान के एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया।
इस अभियान के दौरान जास्क, सिरिक (सिरिक) और क़ेश्म द्वीप (क़ेश्म आइलैंड) सहित कई स्थानों पर हमले किए गए। आईआरजीसी के अनुसार, सिरिक के बेमानी क्षेत्र में एक संचार टॉवर क्षतिग्रस्त हुआ है और दो पानी की टंकियां भी नष्ट हो गई हैं। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर जवाबी हमला किया है।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों के दौरान कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की दृढ़ता की परीक्षा लेने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले का कड़ा जवाब देंगी। उन्होंने अमेरिका को सलाह दी कि यदि वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे इस क्षेत्र से बाहर निकल जाना चाहिए।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कुछ दिन पहले शांति समझौते की संभावना जताई थी और कहा था कि आने वाले दो से तीन दिनों में एक बड़ा शांति समझौता हो सकता है। लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद इस संभावना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।