पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही एक बार फिर से तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला किया गया। इसकी वजह से ओमान के तट के पास MT MARIVEX नाम के एक वाणिज्यिक जहाज
में आग लग गयी। जहाज पर भारतीय नाविक दल के 24 सदस्य भी सवार थे। हालांकि जहाज के डूबने से पहले ही सभी को बचा लिया गया है। इस हमले में अभी तक किसी के भी हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोमवार (8 जून) की दोपहर डेढ़ बजे के आसपास ओमान तट के पास उक्त टैकर पर ड्रोन से हमला किया गया। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यह हमला अमेरिकी सेना के ड्रोन द्वारा किया गया था।
हमले की वजह से जहाज को बहुत नुकसान पहुंचा और तुरंत डूबने लगा। क्रु के सदस्यों ने खतरे का संकेत भेजा और तुरंत उन्हें बचाने की कोशिशें भी शुरू कर दी गयी। हालांकि ड्रोन हमले के स्रोत को लेकर अभी भी बहस चल रही है।
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कुछ नाविक संगठनों का दावा है कि जहाज एक युद्ध अभियान के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ और कुछ का दावा है कि अमेरिकी नौसेना के अभियान के दौरान गलती से जहाज पर हमला हो गया था। हालांकि इस बारे में अमेरिका की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
इसलिए हमले की वजहों को लेकर अभी जांच की जा रही है। भारतीय नाविकों का प्रतिनिधि करने वाले संगठन ने जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। संगठन का दावा है कि पश्चिम एशियाई युद्ध जैसी परिस्थिति की वजह से भारतीय नाविक लगातार खतरे का सामना कर रहे हैं।
उन्हें सबसे ज्यादा खतरा ओमान के तटवर्तीय क्षेत्रों, होर्मूज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में कार्यरत वाणिज्यिक जहाजों में उठाना पड़ा रहा है। घटना के बाद केंद्र सरकार ने नाविकों की सुरक्षा से संबंधित जानकारियां एकत्र करना शुरू कर दिया है।
विदेश मंत्रालय और संबंधित समुद्री एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पहले ही ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है।