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विशाखापत्तनम के स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, मजदूरों पर पलटी पिघली स्टील से भरी बाल्टी, कई की गयी जान

विशालकाय क्रेन की मदद से पिघला हुए स्टील से भरी बाल्टी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा था। उस समय स्टील का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस बताया जाता है।

By Moumita Bhattacharya

Jun 08, 2026 20:43 IST

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के कारखाना में दिल दहलाने वाला हादसा हुआ है। कारखाना के अंदर पिघला हुआ स्टील फैल गया जिससे मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए। News 18 की मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस हादसे में कम से कम 8 मजदूरों की मौत हो गयी है और कई बुरी तरह से घायल हैं।

मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS)2 और SMS 3 सेक्शन में हुई। घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत का माहौल फैल गया और घायलों को तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया है।

घटना सोमवार (8 जून) की शाम को करीब 4 बजे घटी बतायी जाती है। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू ने घटना पर दुख जताया है। बताया जाता है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस व स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार (8 जून) की शाम को कारखाना के कन्टिनिवस कास्टिंग डिपार्टमेंट में काम चल रहा था।

उसी समय विशालकाय क्रेन की मदद से पिघला हुए स्टील से भरी बाल्टी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा था। उस समय स्टील का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस बताया जाता है। अचानक क्रेन से छूटकर वह बाल्टी पलट गयी। नीचे ही उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे। पिघली हुई गर्म धातु मजदूरों पर ही गिर गया।

मीडिया से बात करते हुए एक श्रमिक नेता ने बताया कि बाल्टी जैसे ही क्रेन से छूट कर गिरी, तुरंत कारखाने के उस हिस्से में पिघला हुआ स्टील फैल गया जिससे कारखाना में विध्वंसी आग लग गयी। आग की लपटों ने देखते ही देखते कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका।

घटनास्थल पर ही झुलसकर कई मजदूरों की मौत हो गयी। घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कारखाने की आपदा प्रबंधन टीम और दमकल वहां पहुंची और युद्धकालिन तत्परता के साथ आग को बुझाने व राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के ऑफिस की ओर से बताया गया कि इस्पात कारखाना के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बात की जा रही है। राहत व बचाव कार्य में सरकारी ऑफिस के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है। घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया करवाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है।

वहीं इस मामले में प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) की ओर से शोक व्यक्त करते हुए मारे गए प्रत्येक मजदूर के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत व बचाव फंड से ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की गयी है। इसके साथ ही घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

उद्योग सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस्पात कारखानों में क्रेन के परिवहन के दौरान सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है।

बताया जाता है कि इस बात की जांच की जा रही है कि यह हादसा किसी यांत्रिक खराबी के कारण हुआ या इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही थी। इस मामले की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जा सकती है। इस घटना के बाद कारखाने के श्रमिकों और उनके परिवारों में गहरा भय और आक्रोश फैल गया है। श्रमिक संगठनों ने पहले ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी या नहीं।

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