आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के कारखाना में दिल दहलाने वाला हादसा हुआ है। कारखाना के अंदर पिघला हुआ स्टील फैल गया जिससे मजदूर बुरी तरह से घायल हो गए। News 18 की मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस हादसे में कम से कम 8 मजदूरों की मौत हो गयी है और कई बुरी तरह से घायल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS)2 और SMS 3 सेक्शन में हुई। घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत का माहौल फैल गया और घायलों को तुरंत अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया है।
घटना सोमवार (8 जून) की शाम को करीब 4 बजे घटी बतायी जाती है। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू ने घटना पर दुख जताया है। बताया जाता है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस व स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार (8 जून) की शाम को कारखाना के कन्टिनिवस कास्टिंग डिपार्टमेंट में काम चल रहा था।
उसी समय विशालकाय क्रेन की मदद से पिघला हुए स्टील से भरी बाल्टी एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा था। उस समय स्टील का तापमान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस बताया जाता है। अचानक क्रेन से छूटकर वह बाल्टी पलट गयी। नीचे ही उस समय कई मजदूर काम कर रहे थे। पिघली हुई गर्म धातु मजदूरों पर ही गिर गया।
VIDEO | Visakhapatnam, Andhra Pradesh: At least five workers were killed after molten iron spilled at the Vizag Steel Plant. Further details are awaited.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 8, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/2G0fnZmgFv
मीडिया से बात करते हुए एक श्रमिक नेता ने बताया कि बाल्टी जैसे ही क्रेन से छूट कर गिरी, तुरंत कारखाने के उस हिस्से में पिघला हुआ स्टील फैल गया जिससे कारखाना में विध्वंसी आग लग गयी। आग की लपटों ने देखते ही देखते कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका।
घटनास्थल पर ही झुलसकर कई मजदूरों की मौत हो गयी। घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कारखाने की आपदा प्रबंधन टीम और दमकल वहां पहुंची और युद्धकालिन तत्परता के साथ आग को बुझाने व राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के ऑफिस की ओर से बताया गया कि इस्पात कारखाना के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बात की जा रही है। राहत व बचाव कार्य में सरकारी ऑफिस के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कहा गया है। घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया करवाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है।
वहीं इस मामले में प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) की ओर से शोक व्यक्त करते हुए मारे गए प्रत्येक मजदूर के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत व बचाव फंड से ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की गयी है। इसके साथ ही घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
Saddened by the mishap at the Visakhapatnam Steel Plant. Condolences to those who have lost their loved ones. Praying that the injured recover at the earliest. The local authorities are providing all possible assistance to those affected.
— PMO India (@PMOIndia) June 8, 2026
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF
उद्योग सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस्पात कारखानों में क्रेन के परिवहन के दौरान सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है।
बताया जाता है कि इस बात की जांच की जा रही है कि यह हादसा किसी यांत्रिक खराबी के कारण हुआ या इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही थी। इस मामले की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जा सकती है। इस घटना के बाद कारखाने के श्रमिकों और उनके परिवारों में गहरा भय और आक्रोश फैल गया है। श्रमिक संगठनों ने पहले ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी या नहीं।