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मिडल ईस्ट तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेज गिरावट

निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान पर बंद, सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में, कच्चा तेल महंगा, एशियाई बाजारों में भी बिकवाली।

By श्वेता सिंह

Jun 08, 2026 18:30 IST

मुंबईः मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की धारणा कमजोर होने के चलते घरेलू बाजार पूरे दिन दबाव में रहे और अंततः लाल निशान में बंद हुए।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,123 पर बंद हुआ। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत टूटकर 73,524.26 के स्तर पर आ गया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसका असर भारत सहित सभी प्रमुख बाजारों पर देखा गया। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तेजी की स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों और लगातार बनी हुई महंगाई के कारण ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। इसके चलते बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर रहा, जबकि निफ्टी ऑटो 1.85 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.49 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 1.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी FMCG इंडेक्स में भी 0.42 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 96.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं ने ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया।

मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ और यह 76 पैसे टूटकर 95.70 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया।

कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना 1.43 प्रतिशत गिरकर 1,53,376 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.54 प्रतिशत गिरकर 2,42,235 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

एशियाई बाजारों में भी व्यापक बिकवाली देखने को मिली। जापान का निक्केई इंडेक्स 4 प्रतिशत से अधिक गिरकर 63,780 पर बंद हुआ, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 1.74 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.38 प्रतिशत और ताइवान का वेटेड इंडेक्स 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे अधिक दबाव में रहा और 9 प्रतिशत से अधिक टूटकर 7,484 पर बंद हुआ।

कुल मिलाकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी शेयरों में मुनाफावसूली के चलते भारतीय सहित वैश्विक बाजारों में दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई और बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली।

(समाचार एई समय कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)

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