मुंबईः मुंबई में बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कमजोर रुख के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान निवेशकों की धारणा पर अमेरिका की ओर से नए टैरिफ संकेतों, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और यूक्रेन में ताजा हमलों की खबरों का असर साफ दिखाई दिया। इन वैश्विक घटनाक्रमों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी और निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स 23,405.60 अंक पर बंद हुआ, जिसमें 77.95 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 74,346.17 अंक पर बंद हुआ और इसमें 303.67 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली।
दिन की शुरुआत भी कमजोर संकेतों के साथ हुई थी, हालांकि बाद में बाजार ने निचले स्तरों से कुछ रिकवरी दिखाई। इस सुधार में मुख्य भूमिका बैंकिंग शेयरों की रही, जिन्होंने दबाव के बीच बाजार को सहारा दिया और गिरावट को सीमित करने में मदद की।
जिओजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि शुरुआती नुकसान के बावजूद बाजार ने तेजी से वापसी की कोशिश की। उनके अनुसार, बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितता के कारण सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाली संभावित नीतियों की उम्मीदों ने बाजार की धारणा को कुछ हद तक सहारा दिया, जिससे गिरावट और गहरी नहीं हुई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने निजी बैंकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका कारण मजबूत ऋण वृद्धि (क्रेडिट ग्रोथ) का रुझान बताया गया।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे कमजोर रहा और इसमें 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी में 1 प्रतिशत से ज्यादा कमजोरी देखने को मिली, जबकि निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.59 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.70 प्रतिशत की तेजी रही और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.70 प्रतिशत मजबूत हुआ। निफ्टी फार्मा भी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वैश्विक कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 98.87 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई।
वहीं, कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई और 24 कैरेट सोना 1,53,996 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो लगभग 1 प्रतिशत की कमजोरी है। चांदी की कीमत भी घटकर 2,64,157 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 68,718 अंक पर बंद हुआ। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.80 प्रतिशत बढ़कर 5,138 अंक पर पहुंचा, जबकि ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.94 प्रतिशत की तेजी के साथ 46,459.16 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.61 प्रतिशत गिरकर 25,626 अंक पर आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा।
निवेशकों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक नीति, जीडीपी आंकड़ों और वैश्विक व्यापार व भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी है, जो आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगे।
(समाचार एई समय कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार या किसी भी निवेश में जोखिम होता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। यह खबर केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)