हस्ताक्षर विवाद में तृणमूल विधायक अरुप राय बैंकशाल कोर्ट पहुंचे। गुरुवार (4 जून) को वह अपनी लिखावट के सत्यापन के लिए अदालत में हाजिर हुए थे। उन्होंने बताया की CID ने नोटिस देकर उन्हें यहां बुलाया था।
इसके साथ अरुप राय ने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी के घर पर जिस दिन बैठक हुई थी तब उन्होंने हस्ताक्षर किया था लेकिन CID ने उन्हें तो लिखावट दिखाई वह उनकी नहीं है।
गौरतलब है कि वर्तमान में विधानसभा का यह विवाद सुर्खियों में छाया हुआ है। गुरुवार को बैंकशाल कोर्ट में लिखावट की सत्यता की जांच के लिए 4 विधायकों को बुलाया गया था।
मजिस्ट्रेट के सामने चारों विधायक के लिखावट का नमूना CID लेने वाली थी। जिन विधायकों को बैंकशाल कोर्ट में बुलाया गया था उनमें अरूप राय, बहरुल इस्लाम, समर मुखर्जी और शुभाशिष दास शामिल हैं। अदालत ने उनकी लिखावट की जांच करने की अनुमति दी है।
शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विरोधी पार्टी का नेता बनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा गया था। 18वें विधानसभा के मुख्य सचिव ने रेजोल्यूशन की कॉपी भेजने के लिए कहा। रेजोल्यूशन की जो कॉपी भेजी गयी उसमें 70 विधायकों का हस्ताक्षर था लेकिन 10 का नाम बड़े अक्षरों में लिखा हुआ था।
संदीपन साहा और ऋतव्रत बंदोपाध्याय ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करते हुए कहा कि वह रेजोल्यूशन ठीक नहीं है। इसके बाद ही मुख्य सचिव ने हेयर स्ट्रीट थाना में शिकायत दर्ज करवायी।
जांच की जिम्मेदारी CID को सौंपी गयी। CID की टीम ने कई विधायकों से बात भी की थी। कई विधायकों ने CID से कहा कि उस रेजोल्यूशन कॉपी में जो हस्ताक्षर है, वह उनका नहीं है। इसके बाद 4 विधायकों की लिखावट का नमूना लेने के लिए CID ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा मध्य के विधायक अरूप राय के अलावा बहरुल इस्लाम और शुभाशिष दास भी बैंकशाल कोर्ट गए थे। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की उपस्थिति में हस्ताक्षर का नमूना लिया गया।