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अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में

महिला टीम ने तीन मैचों में कुल 30 गोल दागे, पुरुष टीम ने 32 गोल दागे।

By शिखा सिंह

Jun 04, 2026 17:34 IST

काकामिगाहारा : भारतीय अंडर-18 महिला और पुरुष हॉकी टीमें अंडर-18 एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं। जापान के काकामिगाहारा में खेले जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दोनों भारतीय टीमों ने पूल चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की है।

भारतीय अंडर-18 महिला टीम ने पूल-ए में अपने सभी मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने तीन मैचों में कुल 30 गोल दागे और केवल दो गोल ही खाए। पूरे पूल चरण में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

भारत ने अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया पर 2-1 की संघर्षपूर्ण जीत के साथ की। इसके बाद कोरिया को 3-1 से हराकर टीम ने अपनी स्थिति मजबूत की। अंतिम लीग मुकाबले में भारतीय टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदते हुए अंक तालिका में शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया।

टूर्नामेंट में अब तक नूशीन नाज़ भारत की सबसे सफल गोल स्कोरर रही हैं। उन्होंने कुल 10 गोल किए हैं। गीथाश्री नम्मी ने पांच गोल दागे हैं। टीम की कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए हैं, जबकि प्रियंका मिंज ने तीन गोल अपने नाम किए हैं।

अब भारतीय महिला टीम का सामना 5 जून को सुबह 9:30 बजे (भारतीय समयानुसार) सेमीफाइनल में चीन से होगा। चीन ने पूल-बी में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था।

महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले भारतीय अंडर-18 महिला टीम की मुख्य कोच रानी ने कहा कि अब तक का सफर शानदार रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब टीम की ये खिलाड़ी किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेल रही हैं और उन्होंने मौके के अनुरूप बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

रानी ने कहा, “हमने इस टूर्नामेंट को एक-एक मैच पर ध्यान केंद्रित करते हुए खेला है। अब हमारा पूरा फोकस चीन के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल पर है। हमारे लिए यह मायने नहीं रखता कि विपक्षी टीम क्या करती है। हमारी प्राथमिकता अपने स्तर का खेल दिखाना, आक्रामक हॉकी खेलना और मिले अवसरों को गोल में बदलना है।”

उन्होंने आगे कहा कि टीम की खिलाड़ी शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट हैं और उनके बीच तालमेल भी बहुत अच्छा है। वे हर गेंद के लिए संघर्ष करेंगी, अपनी ताकत के अनुसार खेलेंगी, जवाबी हमलों का फायदा उठाएंगी और फाइनल में जगह बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी।

दूसरी ओर भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने भी पूल-ए में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। टीम ने चार मैचों में तीन जीत हासिल कीं, जबकि एक मुकाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत ने अब तक 32 गोल किए हैं और केवल छह गोल ही खाए हैं।

भारतीय पुरुष टीम ने अपने अभियान की शुरुआत कजाखस्तान पर 13-0 की एकतरफा जीत से की थी। इसके बाद मेजबान जापान के खिलाफ उसे 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि टीम ने शानदार वापसी करते हुए कोरिया को 4-1 से हराया और फिर चीनी ताइपे को 13-1 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित की।

पुरुष टीम के कप्तान केतन कुशवाहा सात गोल के साथ भारत के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। आशीष तानी पुर्ती ने छह गोल किए हैं। गाज़ी खान और शाहरुख अली ने तीन-तीन गोल का योगदान दिया है।

भारतीय पुरुष टीम अब 5 जून को दोपहर 3:30 बजे (भारतीय समयानुसार) सेमीफाइनल-2 में पाकिस्तान से भिड़ेगी। पाकिस्तान ने पूल-बी में तीन मैचों में दो जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया था।

सेमीफाइनल मुकाबले से पहले भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच सरदार सिंह ने कहा कि चार मैच खेलने के बाद टीम ने उन क्षेत्रों की पहचान कर ली है, जहां सुधार की आवश्यकता है। विशेष रूप से पेनाल्टी कॉर्नर आक्रमण और रक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरदार सिंह ने कहा, “हमने रक्षकों, मिडफील्डरों और फॉरवर्ड खिलाड़ियों के साथ अलग-अलग समूहों में काम किया है ताकि टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरे। खिलाड़ियों को अब आधुनिक हॉकी की मांग और इस स्तर पर टूर्नामेंट जीतने के लिए जरूरी बातों की अच्छी समझ हो चुकी है।”

उन्होंने आगे कहा कि हम मैच की शुरुआत सही ऊर्जा के साथ करना चाहते हैं और पूरे मुकाबले में उसी स्तर को बनाए रखना चाहते हैं। हमारी सबसे बड़ी ताकत टीम की एकजुटता और खेल की संरचना है। हम अनुशासित हॉकी खेलना जारी रखना चाहते हैं, अपनी पासिंग शैली पर भरोसा बनाए रखना चाहते हैं और महत्वपूर्ण मौकों पर अपने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की स्वतंत्रता देना चाहते हैं।

अब भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमें सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगी। भारतीय हॉकी प्रशंसकों की नजरें इन दोनों मुकाबलों पर टिकी होंगी, जहां युवा खिलाड़ी देश को खिताब के और करीब ले जाने की कोशिश करेंगे।

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