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मंत्रालय ने राष्टूीय खेल पंचाट के गठन के लिए आवेदन आमंत्रित किए

मंत्रालय ने बताया, ‘‘समिति आवेदनों की जांच करेगी और उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव तथा पद के लिए उनकी उपयुक्तता के आधार पर उनका मूल्यांकन करेगी।

By लखन भारती

Jun 03, 2026 19:50 IST

नयी दिल्लीः खेल मंत्रालय ने देश में खेल से जुड़े विवादों के निपटारे और समाधान के लिए राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके लिए दो रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 18 जून है।

संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल द्वारा जारी एक सर्कुलर में न्यायाधिकरण की सदस्यता के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस न्यायाधिकरण का मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी में होगा।

इसमें कहा गया है, ‘‘योग्य उम्मीदवार सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठित व्यक्ति होने चाहिए जिनके पास खेल, लोक प्रशासन और कानून के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान और अनुभव हो।’’

चयन प्रक्रिया एक ‘खोज सह चयन समिति’ द्वारा पूरी की जाएगी जिसकी अध्यक्षता भारत के प्रधान न्यायाधीश या प्रधान न्यायाधीश द्वारा नामित उच्चतम न्यायालय के कोई न्यायाधीश करेंगे।

इसमें खेल सचिव और कानून एवं न्याय मंत्रालय के सचिव भी शामिल होंगे।

मंत्रालय ने बताया, ‘‘समिति आवेदनों की जांच करेगी और उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव तथा पद के लिए उनकी उपयुक्तता के आधार पर उनका मूल्यांकन करेगी। छांटे गए उम्मीदवारों को व्यक्तिगत बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’’

नियुक्ति के लिए अंतिम सिफारिश उम्मीदवारों के समग्र मूल्यांकन के आधार पर की जाएगी जिसमें उनकी योग्यता, अनुभव और व्यक्तिगत बातचीत के दौरान उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा।

पंचाट के सदस्यों की कुल संख्या सरकार द्वारा अभी तक तय नहीं की गई है। हालांकि एनएसटी के नियमों में एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से ‘डिजिटल कार्यान्वयन’ सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी-कानूनी उपायों के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

एक बार चालू हो जाने पर पंचाट के आदेशों को केवल उच्चतम न्यायालय में ही चुनौती दी जा सकेगी।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसका लक्ष्य दीवानी अदालतों पर निर्भरता कम करना और खेल प्रशासन तथा प्रबंधन से जुड़े विवादों का स्वतंत्र, तेज, असरदार और कम खर्चीला निपटारा सुनिश्चित करना है।’’

अगर पंचाट के अध्यक्ष या सदस्य उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश हैं तो उन्हें पंचाट में शामिल होने से पहले अपनी मूल सेवा से या तो इस्तीफा देना होगा या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी होगी।

खेल मंत्रालय के अनुसार देश की अलग-अलग अदालतों में फिलहाल 350 से अधिक मामले चल रहे हैं जिनमें चयन से लेकर चुनाव तक के मुद्दे शामिल हैं। इससे खिलाड़ियों और राष्ट्रीय खेल महासंघों की प्रगति में काफी रुकावट आ रही है।

एक राष्ट्रीय खेल पंचाट की स्थापना से इस समस्या का हमेशा के लिए अंत होने की उम्मीद है क्योंकि इसके पास दीवानी अदालत की सभी शक्तियां होंगी।

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