लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर समाजवादी पार्टी शासनकाल में शुरू की गई विकास परियोजनाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साइकिल ट्रैक लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बनाए गए थे।
विश्व साइकिल दिवस पर जारी एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा सरकार और विकास एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं। जिस वेलोड्रोम में कभी साइकिलें दौड़ा करती थीं, वह भाजपा सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल में ठप पड़ा हुआ है।”
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार ने लखनऊ सहित प्रदेश के कई शहरों में साइकिल ट्रैक का निर्माण कराया था। इसके अलावा आगरा और इटावा के बीच 207 किलोमीटर लंबा साइकिल हाईवे भी बनाया गया था, जो ताजमहल को इटावा लायन सफारी से जोड़ता है।
अखिलेश यादव ने साइकिल ट्रैक को समाजवादी पार्टी सरकार की “दूरदर्शी सोच” का परिणाम बताते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना, पर्यावरण की रक्षा करना और लोगों को साइकिलिंग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि साइकिल का पार्टी के लिए विशेष महत्व है क्योंकि यह उसका चुनाव चिह्न है। इसी कारण भाजपा को साइकिल से नफरत है।
भारत में साइकिल के इतिहास का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी ने कहा कि वर्ष 1951 में देश में लगभग एक लाख साइकिलों का आयात किया गया था। वहीं बीसवीं सदी के शुरुआती वर्षों में इंग्लैंड और जापान से साइकिल के पुर्जे मंगाए जाने लगे थे।
पार्टी के अनुसार, भारत में साइकिल के पुर्जों का निर्माण करने वाला पहला कारखाना वर्ष 1953 में आगरा में स्थापित किया गया था।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि अपनी स्थापना के समय से ही उसने साइकिल को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया। पार्टी ने इसे अपने संस्थापक मुलायम सिंह यादव की विचारधारा से जोड़ा, जो समाजवाद को आम लोगों, किसानों और पिछड़े वर्गों के हितों से जुड़ा हुआ मानते थे।
पार्टी ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने लोगों से सीधे जुड़ने और युवाओं के बीच साइकिल के प्रतीक को लोकप्रिय बनाने के लिए कई बार साइकिल यात्राएं भी कीं।साइकिल और समाजवादी पार्टी का संबंध केवल चुनावी पहचान तक सीमित नहीं है। यह उस विचारधारा, संघर्ष और जनसरोकारों से जुड़ा हुआ है, जिन्हें पार्टी अपनी राजनीतिक सोच और दर्शन की बुनियाद मानती है।