कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के नेता और पार्टी प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार एक बड़े विवाद के बाद गिरफ्तार किए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने कोलकाता के साल्टलेक स्थित 337 नंबर पते वाले एक फ्लैट पर करीब 14 वर्षों तक कब्जा बनाए रखा। फ्लैट की मालकिन आरती रायचौधरी का कहना है कि बार-बार कानूनी नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने न तो घर खाली किया और न ही कब्जा छोड़ा। आरोप यह भी है कि इस फ्लैट को बाद में कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
बुधवार को यह विवाद अचानक सार्वजनिक रूप से सड़क पर आ गया जब फ्लैट की मालकिन आरती रायचौधरी मौके पर पहुंचीं और जयप्रकाश मजूमदार के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा हो गए और “चोर-चोर” जैसे नारे लगाने लगे। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब आरोपों के बीच जयप्रकाश मजूमदार अपनी गाड़ी में बैठे रहे और बाहर निकलने से इनकार कर दिया।
मामले की सूचना मिलने पर विधाननगर उत्तर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस दोनों पक्षों को बातचीत के लिए थाने ले गयी, जहां लंबी पूछताछ की गई। शुरुआती जांच और शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जयप्रकाश मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह फ्लैट लंबे समय से विवाद में था और जबरन कब्जे की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन समाधान नहीं निकला। इस पूरे प्रकरण में छेड़छाड़ का भी आरोप सामने आया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। गिरफ्तारी के बाद इलाके में गहमागहमी बढ़ गयी है।