लंदन : ब्रिटेन पुलिस के बॉडी कैम फुटेज में हेनरी नोवाक की मौत से जुड़ा एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है जिसमें एक घायल युवक को हथकड़ी पहनाकर पुलिस द्वारा गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया है। वह युवक दर्द से तड़पते हुए बार-बार कह रहा था मैं अब सांस नहीं ले पा रहा हूँ। मुझे छोड़ दीजिए। 18 वर्षीय हेनरी नोवाक के यही अंतिम शब्द बताए जा रहे हैं। घायल युवक की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
यह घटना पिछले वर्ष दिसंबर में इंग्लैंड के साउथैम्पटन शहर में हुई थी। दो युवकों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव फैल गया था। ब्रिटेन में एक युवक पर चाकू से हमला करने का आरोप एक भारतीय मूल के व्यक्ति पर लगा था। विवाद तब और बढ़ गया जब आरोप है कि पुलिस ने हमलावर के साथ-साथ घायल युवक को भी गिरफ्तार किया। आरोप यह है कि गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ युवक की मदद करने के बजाय पुलिस ने पहले उसे हथकड़ी पहनाई। बाद में जारी किए गए बॉडी कैम फुटेज ने इस घटना को लेकर पूरे ब्रिटेन में आक्रोश पैदा कर दिया।
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार 23 वर्षीय भारतीय मूल के सिख युवक विक्रम दिग्वार ने सड़क पर हेनरी नोवाक पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े हेनरी ने बार-बार पुलिस को बताया कि उन्हें दर्द हो रहा है और उन्हें चाकू मारा गया है लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले उनकी बात पर भरोसा नहीं किया।
जारी किए गए वीडियो में एक पुलिस अधिकारी हेनरी से पूछते हैं, ‘क्या तुम्हें चाकू मारा गया है? कहाँ? मुझे तो ऐसा नहीं लगता।’ इसके बाद उन्हें खून से लथपथ अवस्था में हथकड़ी पहनाई गई और बैठाने की कोशिश की गई। कुछ ही समय बाद उनकी हालत बिगड़ गई। बाद में पुलिस ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जांच में सामने आया कि हमले के बाद विक्रम ने पुलिस को गलत सूचना दी थी कि हेनरी ने उनके खिलाफ नस्लवादी टिप्पणी की थी और उनकी पगड़ी खींची थी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में हेनरी को ही संदिग्ध माना। अदालत ने बाद में स्पष्ट किया कि हेनरी ने कोई नस्लवादी टिप्पणी नहीं की थी।
ब्रिटेन की अदालत ने इस मामले में विक्रम दिग्वार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जिसमें कम से कम 21 वर्ष की कैद अनिवार्य होगी। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी ने अपनी धार्मिक पहचान और नस्लवाद के आरोपों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा इस घटना ने सिख समुदाय की छवि को भी नुकसान पहुँचाया है।
मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर भी विवाद उत्पन्न हुआ। शुरुआत में इसे कृपाण या सिख धार्मिक चाकू बताया गया, लेकिन बाद में ब्रिटेन की सिख फेडरेशन ने दावा किया कि यह पारंपरिक धार्मिक कृपाण नहीं था बल्कि उससे कहीं बड़ा और अवैध प्रकार का धारदार हथियार था।
वीडियो सार्वजनिक होने के बाद ब्रिटेन में पुलिस की भूमिका पर गंभीर आलोचना शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस घटना को भयावह और दुखद बताया है। गृह सचिव ने इस मामले की पूर्ण जांच की मांग की है। हेम्पशायर पुलिस ने पहले ही माफी मांग ली है। जानकारी के अनुसार मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने नौकरी छोड़ दी है, जबकि अन्य अधिकारियों की जांच अभी जारी है।
हेनरी नोवाक के परिवार ने कहा है कि उनका बेटा ‘गरिमा के साथ मृत्यु भी प्राप्त नहीं कर सका। परिवार ने मांग की है कि केवल हत्या के मामले की ही नहीं बल्कि पुलिस के व्यवहार की भी पूर्ण और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ब्रिटेन में बढ़ते ‘नाइफ क्राइम’ को राष्ट्रीय आपात स्थिति के रूप में देखने की अपील की हैं।