इस्लामाबाद : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे बढ़ती ऊर्जा लागत के प्रभाव अब पाकिस्तान में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों और ऊर्जा संकट के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सरकार ने मितव्ययिता (ऑस्टेरिटी) उपायों के तहत व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन समय में बदलाव लागू कर दिया है।
नए नियमों के अनुसार, सोमवार से इस्लामाबाद के सभी बाजार, दुकानें और शॉपिंग मॉल प्रतिदिन रात 8 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा। वहीं रेस्तरां, बेकरी, किराना स्टोर और खाद्य पदार्थों से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों को रात 10 बजे तक कारोबार जारी रखने की अनुमति दी गई है।
इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने उप आयुक्त इरफान मेमन के नेतृत्व में सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट जारी कर संशोधित समय-सारिणी की घोषणा की।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह भवन, मार्की और अन्य आयोजन स्थलों को भी रात 10 बजे तक बंद करना होगा। हालांकि कुछ आवश्यक सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
नए नियमों के तहत फार्मेसी, अस्पताल, पेट्रोल पंप, डेयरी दुकानें, खेल सुविधाएं, कॉल सेंटर और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को सेवाएं देने वाली सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियां प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगी। इसके अलावा निजी परिसरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और समारोहों पर भी यही समय सीमा लागू होगी।
पाकिस्तान ने पहली बार मार्च में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के समय में कटौती की थी। उस समय अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद वैश्विक ईंधन कीमतों में तेज उछाल आया था। बढ़ती ऊर्जा लागत और आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार ने बिजली की खपत कम करने के उद्देश्य से बाजारों को जल्दी बंद करने जैसे कदम उठाए थे।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजारों में भारी अस्थिरता बनी हुई है। ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली आपूर्ति को बाधित किए जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।
दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा सामान्य परिस्थितियों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इसका बड़ा हिस्सा एशियाई देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर पड़ता है।
पाकिस्तान भी अपनी घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसी मार्ग से आने वाले आयातित ईंधन पर काफी हद तक निर्भर है। हालांकि कुछ आपूर्ति अभी भी जारी है, लेकिन वैश्विक कीमतों में वृद्धि और परिवहन लागत बढ़ने के कारण ऊर्जा आयात पहले की तुलना में अधिक महंगा हो गया है।
सरकार के इस फैसले का असर व्यापारियों और कारोबारी प्रतिष्ठानों पर पड़ने की संभावना है। पाकिस्तान में अधिकांश बाजार दोपहर के समय खुलते हैं और देर रात तक कारोबार करते हैं। ऐसे में जल्दी बंद करने की नई व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ सकता है।
व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों का मानना है कि शाम और रात के समय ग्राहकों की संख्या अधिक रहती है। इसलिए नए प्रतिबंधों से उनकी आय प्रभावित हो सकती है। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि मौजूदा ऊर्जा संकट और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए बिजली की बचत और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए यह कदम आवश्यक है।