नई दिल्लीः कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर मंगलवार को दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचकर राज्य के मंत्रिमंडल गठन और संगठनात्मक ढांचे को लेकर विस्तृत चर्चा की।
दिनभर दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व की कई स्तरों पर बैठकें होती रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेता भी इन चर्चाओं में शामिल रहे। इन बैठकों में राज्य की नई सरकार के स्वरूप और राजनीतिक संतुलन पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा का मुख्य केंद्र मंत्री पदों का बंटवारा, उपमुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति और राज्य कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव रहे। पार्टी नेतृत्व इस बात पर जोर दे रहा है कि कैबिनेट गठन में क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पूरी तरह साधा जाए ताकि सरकार का ढांचा स्थिर और प्रभावी हो सके।
सूत्रों के अनुसार पहले चरण में लगभग 15 मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप दिया जा सकता है, जबकि बाकी नियुक्तियां बाद के चरण में की जाएंगी। सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अंतिम सूची में किन चेहरों को जगह मिलती है।
डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण 3 जून को बेंगलुरु के लोक भवन में शाम 4 बजे निर्धारित है। उससे पहले मंत्रिमंडल की अंतिम सूची को मंजूरी मिलना जरूरी माना जा रहा है।
अब अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी हाईकमान की सहमति पर निर्भर है, जिसके बाद कर्नाटक की नई कैबिनेट की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।