नई दिल्ली/हैदराबादः तेलंगाना के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को देश के शीर्ष नेतृत्व ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं और उसकी विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत तथा जनभावनाओं की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से अपने संदेश साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के लोगों को राज्य गठन दिवस की बधाई देते हुए कहा कि राज्य के नागरिक अपनी नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा “विकसित भारत” के लक्ष्य में तेलंगाना की भूमिका महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में तेलंगाना की सांस्कृतिक धरोहर और मेहनतकश जनता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य ने बीते वर्षों में नवाचार और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा इसके नागरिकों के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर समृद्धि की कामना की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तेलंगाना गठन को जनसंघर्ष और बलिदान का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य का इतिहास लाखों लोगों के त्याग से जुड़ा है और इन भावनाओं को सम्मान देना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार सामाजिक न्याय, समान अवसर और हर नागरिक की गरिमा को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के गन पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राज्य गठन दिवस पर नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए गरीबों के कल्याण, किसानों के हित, युवाओं के भविष्य और महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
गौरतलब है कि 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना भारत का 29वां राज्य बना था। तभी से हर वर्ष इस दिन को राज्य गठन दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें राज्य की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला जाता है।