नई दिल्लीः दिल्ली में सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के बाहर NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन हुआ। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बावजूद ठोस सुधार नहीं किए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
विपक्ष का हमला और सरकार पर सवाल
विरोध के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि NEET, सीबीएसई, एसएससी, यूपीएससी और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि देश में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं माकपा नेता बृंदा करात ने परीक्षा के डिजिटलीकरण और निजी कंपनियों पर निर्भरता को लेकर चिंता जताई और इसे छात्रों के भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण बताया।
संसदीय समिति की बैठक और सुधार पर चर्चा
संसद भवन एनेक्सी में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने की, जिसमें राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पेन-पेपर परीक्षा और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के बीच तुलना पर विचार हुआ, साथ ही परीक्षा सुधारों को लेकर सुझावों पर भी चर्चा की गई। समिति ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना आवश्यक है।
एनटीए, जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) और परीक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने शिक्षा मंत्रालय की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्रालय की विफलता के कारण प्रधानमंत्री को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने एनटीए में संरचनात्मक सुधार और नए कानून के तहत नई व्यवस्था की मांग रखी।
संस्था के प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें संसदीय समिति की बैठक में प्रवेश से रोका गया। दूसरी ओर जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कुछ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सीबीएसई ने भी अपने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की बात कही है। पूरे विवाद के बीच सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि राजनीतिक और छात्र संगठनों का विरोध लगातार जारी है।