नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं (ITES) निर्यात सर्वेक्षण की शुरुआत कर दी है। इस वार्षिक सर्वे का उद्देश्य देश के तकनीकी सेवा निर्यात क्षेत्र के प्रदर्शन का आकलन करना और उससे जुड़े व्यापक आंकड़े एकत्र करना है।
आरबीआई के अनुसार, सर्वेक्षण के माध्यम से कंप्यूटर सेवाओं के निर्यात, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) क्षेत्र से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इन आंकड़ों का उपयोग भारत के बाह्य क्षेत्र से जुड़े आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़े तैयार करने में किया जाएगा। साथ ही सर्वे के समेकित निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से भी जारी किए जाएंगे।
सभी निर्यातक कंपनियों के लिए भागीदारी जरूरी
केंद्रीय बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया है कि देश में सॉफ्टवेयर, आईटीईएस और बीपीओ सेवाओं का निर्यात करने वाली सभी कंपनियों को इस सर्वेक्षण में भाग लेना होगा। संबंधित संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप में अपनी जानकारी भरकर जमा करनी होगी।
आरबीआई ने सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। तय समय सीमा के भीतर आंकड़े उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध है फॉर्म
सर्वेक्षण का प्रारूप आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। कंपनियां इसे डाउनलोड कर आवश्यक जानकारी भर सकती हैं।
यह फॉर्म वेबसाइट के ‘रेगुलेटरी रिपोर्टिंग’ अनुभाग में उपलब्ध है। इसके अलावा होमपेज पर दिए गए ‘फॉर्म्स’ और ‘सर्वे’ सेक्शन के माध्यम से भी इसे प्राप्त किया जा सकता है।
नई डिजिटल प्रणाली से होगी रिपोर्टिंग
इस बार आरबीआई ने सर्वेक्षण प्रक्रिया को अधिक तकनीक-आधारित और सुगम बनाने के लिए केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (CIMS) के सर्वे मॉड्यूल का उपयोग शुरू किया है। इस वेब-आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियां सीधे ऑनलाइन जानकारी जमा कर सकेंगी।
नई प्रणाली में डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वचालित सत्यापन और संगति जांच की सुविधा भी जोड़ी गई है। सफलतापूर्वक डेटा जमा होने पर संबंधित संस्था को स्वतः ई-मेल के माध्यम से पुष्टि संदेश भी प्राप्त होगा।
पुरानी प्रणाली फिलहाल जारी, अगले चरण में होगी बंद
आरबीआई ने बताया कि फिलहाल एक्सेल आधारित रिपोर्टिंग सुविधा भी समानांतर रूप से उपलब्ध रहेगी और कंपनियां मौजूदा एसएमएस प्रणाली के जरिए भी अपनी रिपोर्ट भेज सकती हैं।
हालांकि केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया है कि अगले सर्वेक्षण चक्र से इस पुरानी एक्सेल-आधारित रिपोर्टिंग व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दी जाएगी।
टेक निर्यात क्षेत्र की तस्वीर होगी स्पष्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सर्वेक्षण से भारत के तेजी से बढ़ते सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा निर्यात क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे नीति निर्माण, निर्यात रणनीति और बाह्य क्षेत्र के आंकड़ों को अधिक सटीक बनाने में भी सहायता मिलेगी।