नई दिल्लीः कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के बावजूद सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस (सास) कंपनियों की आय और लाभप्रदता पर अभी तक कोई नकारात्मक असर दिखाई नहीं दे रहा है। ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए की एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है।
रिपोर्ट में विभिन्न सास कंपनियों के हालिया तिमाही नतीजों और वित्तीय मार्गदर्शन (गाइडेंस) का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार अधिकांश कंपनियों ने आगामी वित्त वर्ष के लिए अपने राजस्व और मार्जिन संबंधी अनुमान या तो बरकरार रखे हैं या उनमें वृद्धि की है। साथ ही हाल की तिमाहियों में इन कंपनियों ने आम बाजार अनुमान से बेहतर प्रति शेयर आय (ईपीएस) दर्ज की है। रिपोर्ट का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि फिलहाल AI का कोई प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक AI के कारण सॉफ्टवेयर उद्योग के कारोबारी मॉडल में बदलाव जरूर आ रहा है लेकिन इसका असर अभी मुख्य रूप से मूल्य निर्धारण व्यवस्था में देखने को मिला है, न कि आय या मुनाफे में। कई सॉफ्टवेयर प्रदाता पारंपरिक ‘सीट-आधारित’ मूल्य निर्धारण मॉडल से हटकर ‘उपयोग-आधारित’ मॉडल अपना रहे हैं, जिसमें ग्राहक वास्तविक उपयोग के आधार पर भुगतान करते हैं। इसके बावजूद कंपनियों की कारोबारी गति मजबूत बनी हुई है।
सीएलएसए का मानना है कि जिन आईटी सेवा कंपनियों की सास प्रदाताओं के साथ मजबूत साझेदारी है, उन्हें भी उत्पाद इंजीनियरिंग, कार्यान्वयन और अन्य तकनीकी सेवाओं की निरंतर मांग से लाभ मिलने की संभावना है।
रिपोर्ट में सास कंपनियों को तीन प्रमुख श्रेणियों सिस्टम्स ऑफ रिकॉर्ड (एसओआर), सिस्टम्स ऑफ एंगेजमेंट (एसओई) और सिस्टम्स ऑफ वर्कफ्लोज़ (एसओडब्ल्यू) में विभाजित किया गया है। इसके अनुसार एसओआर प्लेटफॉर्म एआई से होने वाले व्यवधान के प्रति अपेक्षाकृत कम संवेदनशील हैं क्योंकि इन प्रणालियों में समान इनपुट पर हमेशा एक जैसा परिणाम अपेक्षित होता है।
इसके विपरीत AI मॉडल संभाव्यता आधारित होते हैं और एक ही प्रश्न पूछे जाने पर भी अलग-अलग उत्तर दे सकते हैं। इसी कारण सीएलएसए का मानना है कि AI सीधे तौर पर एसओआर प्लेटफॉर्म का स्थान नहीं ले पाएगा। बल्कि यह एक अतिरिक्त इंटरफेस परत के रूप में उनकी कार्यक्षमता और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एसओई और एसओडब्ल्यू श्रेणियों की कंपनियां अपेक्षाकृत अधिक जोखिम का सामना कर सकती हैं। AI इन प्लेटफॉर्मों द्वारा तैयार किए जाने वाले कुछ आउटपुट का प्रत्यक्ष विकल्प बन सकता है, जिससे उन्हें उभरते एआई-आधारित समाधानों से प्रतिस्पर्धी दबाव झेलना पड़ सकता है।
फिर भी रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि संभावित दीर्घकालिक चुनौतियों के बावजूद प्रमुख सास कंपनियों के मौजूदा आय रुझान, राजस्व अनुमान और लाभप्रदता संकेतक मजबूत बने हुए हैं। इससे संकेत मिलता है कि AI से संभावित व्यवधान का वित्तीय प्रभाव अभी तक वास्तविक रूप से सामने नहीं आया है।