सावधान रहे और घर से बाहर न निकले। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने यह सलाह तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी को दी। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी और तृणमूल के खिलाफ जनता में काफी गुस्सा है।
साथ ही उन्होंने कल्याण बनर्जी पर हमले के आरोपों को 'नाटक' करार देते हुए कहा कि तृणमूल सांसद पर किसी ने हमला नहीं किया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे कल्याण बनर्जी को गंभीरता से न लें।
दिलीप घोष ने कहा कि सबने देखा कि किसी ने उन्हें किसी ने न तो धक्का दिया और न ही उन पर हमला किया। हमने उन्हें विधानसभा में भी नाटक करते देखा है और यहां भी हर जगह वही देखने को मिल रहा है। ऐसे व्यक्ति को कोई गंभीरता से नहीं लेता।
उन्होंने आगे कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता और वकील रहे हैं और उनके व्यवहार को लेकर हमेशा शिकायतें रही हैं। उनके खिलाफ जनता में काफी गुस्सा है। उन्हें भी सावधान रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा को देखते हुए घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इस तरह का नाटक उनके लिए सही नहीं है।
दूसरी ओर रविवार (31 मई) को कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि हुगली जिले के चंडीतला थाना क्षेत्र के पास उनपर उस समय हमला किया गया जब वे चुनाव बाद हिंसा को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। उन्होंने इसे 'हत्या का प्रयास' बताते हुए दावा किया कि चंडीतला पुलिस स्टेशन के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।
यह घटना तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमले के बाद सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अभिषेक बनर्जी पर ईंट, पत्थर से हमला किया गया और उनपर अंडे भी फेंके गए जिसमें दावा किया गया है कि उन्हें आंख के पास चोट आई।
भाजपा नेता राजेश कुमार ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले में उनकी ही पार्टी के लोगों के नाम सामने आए हैं। उन्होंने अपनी ही पार्टी के लोगों के साथ भी काफी अत्याचार किए हैं। घटना की जांच चल रही है। भाजपा ऐसे किसी भी कृत्य का समर्थन नहीं करती है।